एंटी करप्शन न्यूज़
पवन भार्गव 24 अक्टूबर 2018
शिवपुरी मध्यप्रदेश शिवपुरी ।। शिवपुरी जिला चिकित्सालय में बुखार के मरीजों की हो रही है दुर्गति प्रायवेट डॉक्टरो के साथ-साथ अस्पताल के डॉक्टर भी इन बीमारियों को भुना रहे है व्यापार की तरह शिवपुरी शहर में अभी हाल ही में जिला बार एसोसियेशन ने चुनावी धारा लगने के बाद भी सैकडो वकीलों के साथ जिला कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर श्रीमती शिल्पा गुप्ता को चुनौती पूर्ण तरीके और लहजे में बताया कि शहर के करीब 5 हजार मरीज ग्वालियर के विभिन्न शासकीय और गैर शासकीय अस्पताल में मरीज अपना उपचार करा रहे है,
अभी हाल ही में एडवोकेट हेमन्त कटारे की बेटी की असमय म़त्यू डेगू के कारण जब हुई जब उसका उपचार शिवपुरी जिला चिकित्सालय से लेकर ग्वालियर के किसी भी अस्पताल में न हो सका तब उस बच्ची के परिजन उसे दिल्ली लेकर भागे लेकिन उस बच्ची ने आगरा में ही उसका दम टूट गया और वह बच्ची डेगू के बुखार के कारण उसकी असमय म़त्यू हो गई
पर जिला अस्पताल प्रशासन और जिला कलेक्टर शिवपुरी के कानों पर जू तक नही रैगी सोशल मीडिया में इस बच्ची की मौत खबर सुनकर बहुत से लोग विचलित हुये पर सिविल सर्जन शिवपुरी श्री अर्जुन लाल शर्मा ने इस मौत से सबक न लेते हुये भी अस्पताल की व्यवस्थाये पहले से और ज्यादा चरमरा गई पैथोलॉजीयों पर लगने वाली भीड यह बता सकती है कि आज शिवपुरी जिले में यहॉ के निवासियों की क्या हालत है, लोग घंटो लाईनों में खडे होकर खून की जॉच करवाते है, और घंटो लाईनों में लगकर उनकी रिर्पोटो मिलती है,
किसी भी प्रायवेट पैथोलॉजी को डेगू के परीक्षण का न तो अधिकार है और न इनके पास वह तकनीक न उपकरण है कि यह डेगू बुखार की जॉच कर सके,
डॉक्टरो के कमीशन इन पैथोलॉजियों पर बधे हुये है, इस कारण डॉक्टर फीस वसूलने के साथ-साथ इन डॉक्टरो को यह पैथोलॉजी वाले भरपूर कमीशन देते है,
जिला चिकित्सालय में अच्छी तकनीक होने के बाद भी डॉक्टर क्यों भेजते है प्रायवेट पैथोलॉजियों पर इनकी सभी जॉचे चिकित्सालय में ही क्यों नही करवाते यह एक गंभीर विषय है
जिला चिकित्सालय के डॉक्टर सबसे ज्यादा दोषी सबसे ज्यादा प्रायवेट पैथोलॉजियों पर भेजने पर सरकारी डॉक्टर (जबकि डेगू की जॉच प्रायवेट पैथोलॉजियों पर नही होती है) फिर भी क्यों भेजते है सरकारी डॉक्टर इन पैथोलॉजियों पर मरीज कमीशन खोरी का धंधा स्पष्ट है,
जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन डॉक्टर अर्जुन लाल शर्मा के अनुसार जिला चिकित्सालय में एक डेगू वार्ड बनाया गया है जिसमें मात्र 4 पलंग डालकर डेगू के मरीजों का ईलाज करने का दावा करते है, इतना बडा जिला होने के बाद भी सिविल सर्जन मरीजों को आय दिन डॉक्टरो को निर्देश देते है कि तुरन्त ग्वालियर रैफर करो क्या शिवपुरी डॉक्टर इन मरीजों का ईलाज करने के योग्य नही है,
राजनेता चुनावी टिकिट के और अपने प्रत्याशी बनने के जनजाल में उलझे जनता की ओर किसी का ध्यान नही शिवपुरी विधायक श्रीमती यशोधरा राजे सिधिंया दो दिनों से शिवपुरी में ही अपने कार्यकर्ताओं और भाजपा के नेताओं से बराबर मिल रही है, पर इनके राजनैतिक सलाहकार इन्हे यह सलाह नही देते कि आपकी विधानसभा शिवपुरी में जिला चिकित्सालय शिवपुरी में आपकी जनता के साथ क्या व्यवहार ये डॉक्टर कर रहे है, गरीब आदमी कितना परेशान है कैसे करायें दिल्ली और ग्वालियर में अपना ईलाज शिवपुरी विधायक का इस ओर कोई ध्यान नही है जबकि उन्हे जिला चिकित्सालय में अपनी टीम तैनात करके इन डॉक्टरो की मनमानी पर अंकुश लगाना चाहिये क्योकि श्रीमती यशोधरा राजे के सिवाय यह प्रशासन किसी की नही सुनाता इस वजह से शिवपुरी विधायक अपने प्रतिनिधियों को अस्पताल में निर्देश देने के लिये नियुक्त करे जो डॉक्टरों को निर्देश दे और इन मरीजों को कुछ राहत मिल सके क्योंकि पैथोलॉजियों पर लगने वाली भीड कम हो सके और इस त्यौहार पर और किसी के घर का दीपक न बुझे हम यह अनुरोध समाचार के माध्यम से करना चाहते है कि क़पया कर इस गरीब जनता की आप मदद करें ।। एंटी करप्शन न्यूज़। पवन भार्गव
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