पत्रकार धीरज ओझा
बैराड़ / शिवपुरी जिले की नगर परिषद बैराड़ जो कि यहाँ देखा जाए तो जिले की सभी नगर परिषद में पिछड़ी हुई हैं तो वो है बैराड़ नगर परिषद जिसमें न तो कोई सुनवाई होती हैं और न ही कर्मचारियों द्वारा हितग्राहियों को संतुष्ट जबाब मिलता आज देखा जाए तो 1000 जनसंख्या वाले वार्ड नं 02 मैं पेयजल संकट मंडराया जो विगत 3 दिनों से हैंडपंप की चैन खराब पड़ी हुई हैं लेकिन ग्राम वासियों द्वारा नगर परिषद के कर्मचारियों को अवगत भी करा चुके लेकिन जनता आज भी पानी के लिए भटक रही हैं। यह कि ऐसा नगर परिषद से ग्राम पंचायत भली।
यहाँ देखा जाये तो सफाई के नाम पर सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं लेकिन यहाँ पर देखा जाये तो पुराने बैराड़ मैं महीनों तक कोई सफाई व्यवस्था नहीं अगर एकाद बार आ जाते तो दोपहर या शाम के टाइम केवल कागजो की खानापूर्ति,एवं शक्त निर्देशो के पालन करने आ जाते है जो कि मछरों डेंगू बुखार जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाई छिड़काव करवाते जो यहाँ देखा जाये तो केवल कागजों में।
बिजली व्यवस्था यहाँ पर अगर नगर परिषद की बिजली व्यवस्था देखी जाए तो खम्बों पर स्ट्रीट लाइट कागजों में जल रही हैं धरातल पर देखा जाये तो अंधेरा ही अंधेरा।
यहां पर यदि गौर की जाए तो इन सभी भृष्टाचार में परिषद नहीं बल्कि राजनेताओं का हस्तक्षेप होता हैं लेकिन यहां पर सुनबाई आम आदमी की सुनवाई नहीं होती।
इनका कहना है
में अभी पोहरी मीटिंग में हु कल में जल्द से जल्द हैंडपंप को ठीक करबाउंगा।
रमेश सिंह सगर सी.ए.मओ. नगर परिषद बैराड़
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