एंटी करप्शन न्यूज़ 2 नवंबर 2018
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*ग्राम पंचायतो मे महिला आदिवासी सरपंच होने के बाबजूद भी दंवग करते सरपंची*
*ग्राम पंचायतों मे विकास की जगह हो रहा है सरपंच सचिवों का कल्याण*
*घोटालो मे लुप्ते पूर्व सरपंचों पर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही*
पवन भार्गव की रिपोर्ट
कोलारस जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में मनमानी भ्रष्टाचार नहीं रुक रहा है कोलारस जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली करीबन 1 दर्जन ग्राम पंचायतों में जमकर मनमानी भ्रष्टाचार का खेल सरपंच सचिव और रोजगार सहायकों द्वारा खेला जा रहा है इस खेल में जनपद पंचायत के आला अधिकारियों से लेकर उपयंत्री यहां तक कि जनपद में पदस्थ बाबू तक मिले हुए हैं जिसके चलते शासन द्वारा भेजा जाने वाला बजट सरपंच सचिव मिलकर ठिकाने लगा रहे हैं ग्राम पंचायतों में जाकर देखा जाए तो भ्रष्टाचार की हकीकत आप सबके सामने होगी कोलारस जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बैरसिया, डेहरवारा , भडौता , पडौराडांग, सुआटोर , सरजापुर,मोहरा , वेहटा, सेसईसडक , खोकंर , सेसईखुर्द, टीला, साखनौर,डोडयाई, कुल्हासडी, लुकवासा में जमकर धांधली चल रही है जबकि केंद्र से लेकर प्रदेश सरकार ग्रामों के विकास के लिए लाखों रुपए का बजट ग्राम पंचायतों को जनपद पंचायत से लेकर जिला पंचायत के द्वारा दिया जा रहा है निर्माण कार्य जहां-जहां हुए हैं वहां पर जाकर देखा जाए तो निर्माण कार्यों में लंबी-लंबी दरारें निकल कर आ गई हैं निर्माण कार्यों को पास करने वाले उपयंत्री भी ग्रामों में चल रहे निर्माण कार्यों को देखने नहीं जाते जिसके चलते सरपंच सचिवों के हौसले बुलंद हैं और गांव में विकास दूर दूर तक देखने पर भी दिखाई नहीं देता है ग्राम पंचायतों में पहले पदस्थ अधिकांश सरपंचों पर कार्यवाही नहीं की गई जबकि उनके द्वारा लाखों रुपए बिना निर्माण कार्यों के निकाल लिए गए जब कभी कार्यवाही की बात आती है तो नोटिस देकर मामला दबा दिया जाता है जिसके चलते सरपंच भ्रष्टाचार क्यों नहीं करेगे डोडयाई ग्राम पंचायत में 1 वर्ष पहले पंचायत भवन बनाया गया था तब ग्रामीण जनों ने शिकायतें की थी परंतु सचिव द्वारा घटिया मटेरियल का उपयोग पंचायत भवन बनाने के लिए किया गया था ग्राम पंचायतों में बनी मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क पंच परमेश्वर योजना के तहत सड़क सहित सीसी रोड आरसीसी , खंरजा बनाने में जमकर घपला किया जा रहा है ग्राम पंचायत गढ़ सेसई खुर्द ,बसाई , सुआटोर, राजगढ़ , सेसई सड़क, चंदौरिया, भडौता, में हुए निर्माण कार्यों में जमकर मनमानी की गई थी जिसके चलते अधिकांश निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं तो कई बनने के बाद ही चटक गए हैं ग्राम पंचायत गणेशखेडा में ही सर्व शिक्षा अभियान में पूर्व सरपंच द्वारा घोटाला किया गया था ऐसा ही हाल अधिकांश ग्राम पंचायतों में है पहले भी इन पंचायतों में भ्रष्टाचार हुआ और अब भी हो रहा है फर्जी मजदूरों को बैंकों में खाता खुलवा कर फर्जी तरीके से रुपए निकाल लिए जाते हैं
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*पंचायतो में योजनायें तो आती है परन्तुप दम तोड जाती है*
कपिल धारा हो या कुटीर निर्माण योजना हो या शौचालय निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना हो बुजुर्ग व्यक्तियों को पेंशन देने का मामला हो या बीपीएल कार्ड का हो सभी जनकल्याणकारी योजनाओं में मनमानी भ्रष्टाचार सरपंच सचिव और रोजगार सहायकों द्वारा किया जा रहा है ग्रामीण जन अगर शिकायत भी करने जाते हैं तो जिला पंचायत से लेकर जनपद पंचायत में पदस्थ शासकीय कर्मचारी इन शिकायतों को ही दवा देते हैं जिसके चलते ना तो भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हो पाती है और ना ही भ्रष्टाचार रुक पाता है अधिकांश ग्राम पंचायतों में तो मनरेगा योजना के तहत मरे हुये व्यक्तियों के नाम तक दर्ज है उनके नाम से ही मजदूरी के नाम पर रुपया निकाला जा रहा है इन ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों द्वारा कोलारस में ही फोटो स्टेट की दुकानों से लेकर सीमेंट की दुकानो के बिल लगाए जा रहे हैं और रूपये निकालकर अपनी जेबों में भरा जा रहा है ग्राम पंचायत मोहराई को ही देख लो गोकुल गांव घोषित किया गया था परंतु गांव में प्रवेश करने पर ही पता चल जाता है कि क्या सोचकर इस ग्राम पंचायत को गोकुल पंचायत का नाम दिया गया था पहले इस पंचायत में रह चुके सरपंच से लेकर अभी भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं और भ्रष्टाचार करेंगे भी क्यों नहीं जब यह सरपंच पच्चीैस लाख रुपए खर्च करने के बाद सरपंच की कुर्सी पर बैठे है
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*देखते ही देखते सरपंच सचिवों के दिन ही बदल गए*
जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत में सचिवों से लेकर पहले के सरपंचों से लेकर वर्तमान सरपंच के देखते ही देखते दिन ही बदल गए पहले जिन सरपंच सचिवों पर बाइक नहीं थी आज वह फोर व्हीलर गाड़ियों में घूम रहे हैं अधिकांश ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों के दिन ही बदल गए आज अधिकांश सचिवों से लेकर सरपंचों की शिवपुरी से लेकर ग्वालियर में आलीशान बंगले हैं और फोर व्हीलर गाड़ियों मौजूद हैं प्रदेश में बीते दिनों अधिकांश सचिवों के घर पर छापा मारा गया था परंतु कोलारस जनपद पंचायत के अंतर्गत पदस्थ सरपंचों से लेकर सचिवों के यहां पर छापा मारा जाए तो करोड़ों रुपए की संपत्ति जो भ्रष्टाचार करके जोड़ी गई है सबके सामने आ जाएगी।। इसी तरह जिले की अधिकतर पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर किया जा रहा है
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