एंटीकरप्शन न्यूज
5 नवंबर 2018
*-कॉग्रेस की दूसरी सूची जारी,शिवपुरी से लढ़ा,कोलारस से महेन्द्र मैदान में*
पवन भार्गव l शिवपुरी
भारतीय जनता पार्टी द्वारा जारी की गई सूची के बाद हो रहे विरोध में अच्छे से अच्छों की नींद उड़ाकर रख दी है। वहीं दूसरी ओर यहीं स्थिति कॉग्रेस पार्टी में भी देखी जा रही है। बीतीरात जैसे ही कॉग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा की तो शिवपुरी जिले में भी कॉग्रेस के अंदर की फूटन अब गलियारों में आती दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी जहां कोलारस में प्रत्याशी घोषणा को लेकर असमंजस में है। वहीं कॉग्रेस कोलारस और शिवपुरी विधानसभा में प्रत्याशी तय करने को लेकर असमंजस में थी। लेकिन रविबार की देर शाम कॉग्रेस ने शिवपुरी से सिद्धार्थ लढ़ा का नाम घोषित कर दिया। वहीं कालेारस से वर्तमान विधायक महेन्द्र यादव पर विश्वास जताया है। माना जा रहा है कि भाजपा इस सीट से देवेन्द्र जैन,आलोक बिन्दल,वीरेन्द्र रघुवंशी,विपिन खैमरिया में से किसी एक को हरी झंडी दिखा सकती है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में कमल दल प्रत्याशी की घोषणा कर देगा। अभी तक भाजपा और कॉग्रेस द्वारा जिन सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए है उन सीटों में से शिवपुरी विधानसभा से भाजपा और पिछोर से कॉग्रेस को छोड़ दिया जाए तो दोनों ही दलों में पार्टी के अन्य दावेदार बगावती तेवरों में दिखाई दे रहे है और वह अन्य दल या निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का मन बना चुके है।
*राजे के सामने मैदान में सिद्धार्थ,पार्टी सहित शहर में लढ़ा का है विरोध*
यशोधरा राजे सिंधिया भाजपा की राजनीति में ऐसा नाम है जिन्हें विजय प्रत्याशी माना जाता है। बात अगर कॉग्रेस की करें तो यशोधरा राजे के नाम की घोषणा होने के बाद से पंजा दल में सन्नाटा-सा खिचा दिखाई दे रहा है। रविबार की देर शाम कॉग्रेस ने अपनी दूसरी सूची में सिद्धार्थ लढ़ा का नाम शिवपुरी विधानसभा से घोषित कर दिया है। सिद्धार्थ लढ़ा यशोधरा राजे सिंधिया के तुलना में बहुत हल्के प्रत्याशी दिखाई दे रहे है। सिद्धार्थ का कॉग्रेस और शहर में खासा विरोध बताया जाता है।
*पिछोर में नहीं हुआ कोई बागी*
पिछोर में वर्तमान विधायक केपी सिंह का सीध मुकाबला भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी प्रतीम लोधी से है। जिले की पांचों विधानसभाओं में पिछोर ऐसी सीट है जिस पर प्रत्याशी घोषणाा के बाद किसी भी दावेदार या नेता ने बागी तेवर नहीं अपनाए है। माना जा रहा है कि कॉग्रेसियों ने जहां केपी सिंह के नाम को स्वीकार किया है। वहीं प्रीतम लोधी को भी भाजपाईयों ने स्वीकार कर लिया है।
*प्रत्याशी घोषणा के बाद पोहरी में बिगड़ रहे समीकरण*
शिवपुरी जिले की पांचों विधानसभाओं में से सबसे ज्यादा खराब स्थिति पोहरी सीट पर देखी जा रही है। यहां भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद भारती के नाम की घोषणा होने के बाद से जहां पूर्व विधायक नरेन्द्र बिरथरे चुनाव मैदान में उतरने के संकेत दे चुके है। वहीं कैलाश कुशवाह हाथी की सवारी पर सवार हो गए है। इस सीट पर भाजपा में संग्राम मचा हुआ है तो कॉग्रेस भी इसकी आंच से अछूती नहीं है। बीतीरात जैसे ही कॉग्रेस की लिस्ट में बतौर प्रत्याशी सुरेश राठखेड़ा का नाम सामने आया उसके बाद से ही कॉग्रेस के पूर्व विधायक सहित अन्य नेताओं का रक्तचाप बढ़ गया। पिछले कई दिनों से पोहरी में चुनावी फिल्डिंग जमा रहे हरीवल्लभ शुक्ला बागी तेवरों में दिखाई दे रहे है। उनके द्वारा आज बैराड़ में अपने समर्थकों के साथ एक बैठक ली गई। बताया जाता है कि संपन्न हुई इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि श्री शुक्ला कॉग्रेस छोड़ अन्य किसी दल से चुनाव लड़े। बताया यह भी जा रहा है कि इस विधानसभा से कॉग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के राजेन्द्र पिपलौदा एवं सलोनी धाकड़ भी बागी होकर चुनावी ताल ठोक सकते है।
*शकुन्तला की चुप्पी अन्य दावेदार हो सकते बागी*
करैरा सीट पर भाजपा द्वारा राजकुमार खटीक को दी गई हरी झंडी के बाद पूर्व विधायक रमेश खटीक बागी होने का मन बना चुके है। बताया जाता है कि श्री खटीक भाजपा को अलविदा कहकर जल्द ही अन्य किसी दल से चुनाव मैदान में उतरेंगें। इस विधानसभा से भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा वोटर भी राजकुमार खटीक के नाम को हजम नहीं कर पा रहे है। बात अगर कॉग्रेस की जाए तो बीती रात्रि जैसे ही बतौर प्रत्याशी जयवंत जाटव की घोषणा की गई। उसके बाद से वर्तमान विधायक शकुन्तला खटीक के घर के बाहर सन्नाटा पसरा देखा जा रहा है और खुद शकुन्तला खटीक चुप्पी साधे बैठी हुई है उनका कोई बयान अभी तक सामने नहीं आया है। वहीं दूसरी इस सीट से टिकट के दावेदार माने जा रहे केएल राय,योगेश करारे अगर बागी तेवर दिखाते हुए चुनावी ताल ठोक दें तो आश्चर्य न होगा।
*कॉग्रेस से महेन्द्र फाइनल,भाजपा में उठ रहे बगावत के स्वर*
कोलारस विधानसभा में प्रत्याशी घोषणा को लेकर दोनों प्रमुख दल भाजपा कॉग्रेस में घमासान दिखाई दे रहा था। इसी बीच रविबार की देर शाम कॉग्रेस ने इस सीट से वर्तमान विधायक महेन्द्र यादव का नाम घोषित कर दिया है। महेन्द्र यादव के अलावा यहां से कॉग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव भी मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे थे और वह टिकट की मांग भी कर रहे थे। यहां यह देखना काबिलेगौर होगा कि बैजनाथ सिंह पार्टी के निर्णय के साथ रहते है या फिर वह अन्य किसी दल से चुनाव मैदान में उतरेगें। बात अगर भाजपा की करें तो कॉग्रेस की अपेक्षा भाजपा में इस सीट पर अधिक कलह दिखाई दे रहा है। दावेदारों के अलावा प्रदेश एवं केन्द्रीय मंत्री भी अपने-अपने पंसदीदा चेहरों को टिकट दिलाने की जुगत में लगे हुए है। माना जा रहा है कि जैसे ही इस विधानसभा से प्रत्याशी की घोषणा होगी उसके बाद भाजपा और कॉग्रेस के कई दावेदार अपनी-अपनी पार्टियों से इस्तीफा देकर चुनावी मैदान में कूद सकते है।
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