रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने कहा है कि किसी भी शहर के सर्वागीण विकास के लिए अंधोसंरचना, पर्यावरण और गतिशीलता के बीच पूरा तालमेल होना जरूरी है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में वृक्षों के संरक्षण और उनकी उपयोगिता प्रतिपादित की। साथ ही जल स्त्रोतों का पूरा ध्यान रखने को भी कहा। श्री डिसा आज ऑल इंडिया इन्स्टिट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट (एआईआईएलएसजी) द्वारा आयोजित अर्बन डायलाग्स-रिइमजिनिंग भोपाल संगोष्ठी के द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता कर रहे थे।
श्री डिसा ने कहा कि वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप जब तक योजनाएँ नहीं बनाई जाती, तब तक कोई शहर नया आकार नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में अंधोसंरचना निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। रेरा अध्यक्ष ने कहा कि सभी शहरी क्षेत्रों में प्रगति के लिए उपरोक्त घटकों में तालमेल नहीं होगा, कोई भी शहर प्रगतिशील नहीं हो सकता। श्री डिसा ने शहरी जीवन के सुचारू संचालन के लिए एकीकृत परिवहन नियोजन पर बल देते हुए कहा कि योजनाबद तरीके से इस क्षेत्र में काम किया जाना चाहिए।
द्वितीय सत्र मे सेवानिवृत भारतीय वन सेवा अधिकारी तथा पर्यावरणविद श्री रविन्द्र सक्सेना, पूर्व सचिव एमपीपीसीबी डॉ. प्रकाश सेठ तथा संयुक्त संचालक वित्त युएडीडी डॉ. अरूण पालीवाल ने भी विचार रखे।
श्री डिसा ने कहा कि वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप जब तक योजनाएँ नहीं बनाई जाती, तब तक कोई शहर नया आकार नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में अंधोसंरचना निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है। रेरा अध्यक्ष ने कहा कि सभी शहरी क्षेत्रों में प्रगति के लिए उपरोक्त घटकों में तालमेल नहीं होगा, कोई भी शहर प्रगतिशील नहीं हो सकता। श्री डिसा ने शहरी जीवन के सुचारू संचालन के लिए एकीकृत परिवहन नियोजन पर बल देते हुए कहा कि योजनाबद तरीके से इस क्षेत्र में काम किया जाना चाहिए।
द्वितीय सत्र मे सेवानिवृत भारतीय वन सेवा अधिकारी तथा पर्यावरणविद श्री रविन्द्र सक्सेना, पूर्व सचिव एमपीपीसीबी डॉ. प्रकाश सेठ तथा संयुक्त संचालक वित्त युएडीडी डॉ. अरूण पालीवाल ने भी विचार रखे।
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