Music

BRACKING

Loading...

महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से पीछे नहीं- सांसद श्री सिंधिया।

महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से पीछे नहीं- सांसद श्री सिंधिया।
शिवपुरी | 25-फरवरी-2019
शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत देश में जहां महिला प्रधानमंत्री के रूप में स्व.श्रीमती इंदिरा गांधी राष्ट्रपति के रूप में प्रतिभा पाटिल एवं लोकसभा अध्यक्ष के रूप में श्रीमती मीरा कुमार, श्रीमती सुमित्रा महाजन सहित प्रदेश के कई राज्यों में महिलाओं ने मुख्यमंत्री के रूप में देश की सेवा कर यह सिद्ध कर दिया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से पीछे नहीं है और महिलाएं सौंपे गए कार्य को पुरूषों की अपेक्षा बेहतर तरीके से कर सकती है।
    सांसद श्री सिंधिया आज स्व.इंदिरागांधी शासकीय कन्या महाविद्यालय शिवपुरी के वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी, श्रीमती प्रियदर्शनी राजे सिंधिया, संस्था के प्राचार्य श्री एन.के.जैन मंचासीन थे।
    श्री सिंधिया ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं में क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। अगर महिलाओं को अवसर दिए जाए तो वह पुरूषों से बेहतर कार्य कर सकती है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण होगा तो राष्ट्र भी मजबूत होगा। इसके लिए हम सभी को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर परिसद एवं पंचायतों की बैठकों में महिला पार्षद एवं सरपंच ही उपस्थित रहे। उनके साथ उनके पति न जाए, उन्हें स्वतंत्र होकर अपनी सूझबूझ से निर्णय लेने का अवसर दें। श्री सिंधिया ने कहा कि महिला परिवार की एक मात्र ऐसी सदस्य होती है, जो सभी की विचारधारा का समावेश कर बेहतर संचालन करती है। इस मौके पर उन्होंने छात्राओं से आवाह्न किया कि स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्वाभिलंबन बनने हेतु ऐसे मित्रों का सहयोग लें, जो जीवन में मेहनत एवं परिश्रम कर आगे बढ़े है। इससे ज्ञान जाग्रत होगा, वहीं सीखने का भी अवसर मिलेगा। श्री सिंधिया ने कहा कि सीखने की कोई आयु नहीं होती। अपनी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने हेतु अपने आप को हमेशा अपडेट रखे।
सांसद सिंधिया ने छात्राओं के बीच पहुंचकर जानी उनकी भविष्य की योजनाएं   
    सांसद श्री सिंधिया ने कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के बीच पहुंचकर भविष्य की योजना पर खुलकर चर्चा कर अपने सुझाव देने को भी कहा। उन्होंने इस दौरान छात्राओं से कहा कि अपने मूल्यों एवं रिश्तों के बीच कभी समझौता न करें। गलत को गलत बताएं और सही को सही कहें। अपने आप को परफेक्ट भी न समझें। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रदर्शन

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ