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मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना ने नन्हें इशान के चेहरे पर लौटाई मुस्कान "खुशियों की दास्तां" नन्हा इशान आपरेशन के बाद सुनने और बोलने में हुआ सक्षम, परिवार में छाई खुशियां

अलिराजपुर | 15-दिसंबर
 
   
  
  बडी मान मिन्नतों से घर में नन्हीं किलकारी गूंजे लेकिन मां शब्द सुनने में उस मॉं को करीब 6 वर्ष के लंबे समय का इंतजार करना पडे तो यह पीडा उस मां और बच्चे के पिता और अन्य परिजनों से बेहतर कोई ओर नहीं समझ सकता है। लंबे अर्सें के बाद बच्चा तुतलाकर मां शब्द पुकारे तो उस मां की आंखे अश्रुओं से फूट पडती है। ऐसा ही कुछ ग्राम सुखी बावडी निवासी श्रीमती सरिता रावत और उनके पति इडलसिंह रावत के साथ हुआ। श्रीमती सरिता रावत को बेटी की जन्म के बाद 6 वर्ष बाद बेटे का जन्म हुआ। नौ माह की जगह 6 माह में बालक के रूप में प्रिमेच्यूर बालक इशान जन्मा। बेटे के जन्म की खुशी थी लेकिन नन्हें इशान की सांसे रूक-रूक कर चलने लगी। नन्हें इशान का जीवन बचाने के लिए माता-पिता ने जद्दोजहद प्रारंभ की। बडौदा के अस्पताल में 70 से अधिक दिनों तक उसे वेन्टीलेटर पर रखा गया। जमीन, गहने आदि गिरवी और बैचकर करीब 7 से 8 लाख रूपये से जैसे-तैसे इशान का इलाज कराया। जैसे-जैसे नन्हें इशान की उम्र बढती गई उसके स्वास्थ्य में फर्क नजर आने लगा लेकिन माता-पिता की खुशी उस समय मायूसी में बदल गई जब इशान ना सुन पा रहा था और ना बोल पा रहा था। फ्रिर परेशान माता-पिता ने बडौदा में इशान की स्वास्थ्य जांच कराई। यहां डाक्टरों ने आपरेशन की बात कही जिसका खर्च 15 लाख रूपये बताया गया। यह सुन मायूसी से भरे इशान के माता-पिता वापस घर लौट आए। इसी दौरान बिमार होने पर इशान को अलीराजपुर जिला अस्पताल इलाज के लिए लाने पर उसका इलाज राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके योजना) के माध्यम से संभव होने की जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया करके 5 वर्ष के नन्हें इशान का मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत इन्दौर स्थित अरविन्दों होस्पीटल में आपरेशन हुआ। करीब 13 घंटों की जटिल आपरेशन प्रक्रिया के बाद नन्हें इशान का सफल आपरेशन हुआ, जो कि बिलकुल निःशुल्क हुआ। आपरेशन सफल होने खबर सुनते ही खुशी के मारे सरिता, इडलसिंह सहित इशान की बहन भूमिका की आंखों से आंसू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। नन्हें इशान को इस आपरेशन के बाद से हर 15-15 दिनों के अंतराल पर अस्पताल में थैरेपी दी जा रही है। नन्हें इशान को सेंसर से संचालित होने वाली सुनने की मशीन लगाई गई है। इसे लगाकर इशान सुन लेता है। इतना ही नहीं इशान अब मनमोहक मुस्कान के साथ तुतलाती आवाज में मां, पापा, दीदी बोल लेता है। वहीं इशान अन्य बच्चों की तहत एलकेजी स्कूल में पढने भी जा रहा है। श्रीमती सरिता रावत एवं इडलसिह रावत खुशी के मारे भरी आंखों से बताते है मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से हमारा बच्चा अन्य बच्चों की तरह सुन और बोल पा रहा है। एक समय हम तो हिम्मत ही हार गए थे। वे कहते है हमारी खुशी हम शब्दों में बया नहीं कर सकते है। इस संबंध में आरबीएसके जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक अलीराजपुर श्रीमती आरती तिवारी ने बताया इशान बहुत ही क्रिटीकल स्थिति में हमारे पास आया था। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत उसका आपरेशन हुआ। थैरेपी के माध्यम से उसका का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इशान आपरेशन के बाद सुन और बोल रहा है। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत हुए आपरेशन एवं सुनने की मशीन का खर्च साढे 6 लाख रूपये आया है, जिसका वहन शासन ने उक्त योजना के तहत किया है। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने बताया इशान उक्त योजना से लाभान्वित होकर आज अन्य बच्चों की तरह सुन और बोल रहा है। यह बहुत बडी बात है। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से इस परिवार में खुशियां लौटी है।

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