अब नदी में नाव चलाने वाले नाविकों को भी परिवहन विभाग से लाइसेंस प्राप्त होगा। नाव चलाने के प्रशिक्षण और परीक्षण के बाद पतवार चलाने की अनुमति दी जाएगी। शहर में नर्मदा के तटों पर चलाई जा रही ढाई सौ से अधिक नावों के संचालन में मनमानी पर रोक लग जाएगी। नियम के खिलाफ सूर्यास्त के बाद भी ग्वारीघाट में नाव चलती रहती हैं। ओवरलोडिंग के साथ नावों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।
नौकायन में मनमानी
ग्वारीघाट में 50 नावों के संचालन की अनुमति है। नावघाट से ही नाव चलाने का नियम है। सिद्धघाट, उमाघाट से नाव चलाई जा रही हैं। इन तटों पर 225 से अधिक नावें हैं। इसी प्रकार जिलहरीघाट, खारीघाट में भी मनमानी जारी है।
ग्वारीघाट में 50 नावों के संचालन की अनुमति है। नावघाट से ही नाव चलाने का नियम है। सिद्धघाट, उमाघाट से नाव चलाई जा रही हैं। इन तटों पर 225 से अधिक नावें हैं। इसी प्रकार जिलहरीघाट, खारीघाट में भी मनमानी जारी है।
यात्रियों को भी लाइफ जैकेट की तैयारी
नगर परिषद भेड़ाघाट की ओर से पंचवटी घाट में संगमरमरी वादियों में नौकायन के लिए 22, सरस्वतीघाट और लम्हेटाघाट में एक-एक विभागीय नावों का संचालन कराया जा रहा है। नाविकों की समिति बनाई गई है। नगर परिषद के सीएमओ एके रावत ने बताया, नावों में लाइफ जैकेट एवं ट्यूब आदि सुरक्षा के इंतजाम हैं। 200 लाइफ जैकेट खरीदे जा रहे हैं।
नगर परिषद भेड़ाघाट की ओर से पंचवटी घाट में संगमरमरी वादियों में नौकायन के लिए 22, सरस्वतीघाट और लम्हेटाघाट में एक-एक विभागीय नावों का संचालन कराया जा रहा है। नाविकों की समिति बनाई गई है। नगर परिषद के सीएमओ एके रावत ने बताया, नावों में लाइफ जैकेट एवं ट्यूब आदि सुरक्षा के इंतजाम हैं। 200 लाइफ जैकेट खरीदे जा रहे हैं।
यह है नियम
- नाविक की उम्र 18 से 33 वर्ष हो
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक नौकायन हो
- नाविका का हर तीन माह में चिकित्सा परीक्षण हो
- नाविक एवं यात्रियों के लाइफ जैकेट एवं ट्यूब
- भ्रमण नाव में 6 और सवारी नाव में 35 लोग बैठें
- नाविक का नाम और लाइसेंस नम्बर नाव पर लिखा हो
- नाविक की उम्र 18 से 33 वर्ष हो
- सूर्योदय से सूर्यास्त तक नौकायन हो
- नाविका का हर तीन माह में चिकित्सा परीक्षण हो
- नाविक एवं यात्रियों के लाइफ जैकेट एवं ट्यूब
- भ्रमण नाव में 6 और सवारी नाव में 35 लोग बैठें
- नाविक का नाम और लाइसेंस नम्बर नाव पर लिखा हो

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