रेप पीड़ित ने इस पूरे मामले में कार्रवाई के बाद हुई बदनामी से दुखी होकर अपने घर में फांसी लगा ली। तब उस वक्त घर में कोई भी नहीं था। परिवार के लोग जब शाम को आए तो अंदर का कमरा बंद मिला। खिड़की से देखने पर नाबालिग टीन की छत में लगे पाइप पर लटकी हुई दिखी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग के शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
8 दिसंबर 2016 की रात को महिमा नगर निवासी दो युवक नाबालिग को घर से अपहरण कर अपने साथ ले गए थे। इसके बाद उनमें से एक आरोपी ने महिमा नगर स्थित अपने घर की छत पर ले जाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था। वहीं दूसरे आरोपी ने अपने साथी की करतूत में उसका सहयोग किया था, जिसकी शिकायत कोतवाली पुलिस में की गई थी। मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 363, 376 समेत 3-4 पोक्सो एक्ट का प्रकरण दर्ज किया था।
इस पूरी घटनाक्रम में नाबालिग के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में उसने पूरे मामले में हुई कार्रवाई पर दुख जताया है। सुसाइड नोट में लड़की ने दुष्कर्म और एफआईआर के बाद बदनामी की वजह से आत्महत्या की है। वह इस पूरे मामले के उजागर होने से दुखी थी। हालांकि पुलिस ने सुसाइड नोट में क्या लिखा है इस पर किसी भी प्रकार का बयान देने से इंकार कर दिया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कही है।
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