दिल्ली:गणतंत्र दिवस के अवसर पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बीच शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों ने आज रविवार सुबह तिरंगा फहराया.
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के शाहीन बाग में तिरंगा फहराया गया है. यह तिरंगा शाहीन बाग में उस जगह फहराया गया है, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
इस बीच शाहीन बाग में आज सुबह 9.30 बजे करीब 10 लाख लोग एक साथ राष्ट्रगीत जन गण मन गाकर विश्व के किसी भी राष्ट्रगान को एक साथ गाए जाने वाले रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश करेंगे.
'महिलाएं चला रही आंदोलन'
शाहीन बाग का कहना है कि किसी एक व्यक्ति को प्रदर्शन का आयोजक नहीं कहा जा सकता है. हम ऐसे किसी भी बयान से खुद को अलग करते हैं. हम फिर से कहते हैं कि शाहीन बाग में कोई आयोजन समिति नहीं है. शाहीन बाग के लोगों का कहना है कि इस प्रदर्शन का कोई मास्टरमाइंड नहीं है. इस आंदोलन को महिलाएं चला रही हैं.
शाहीन बाग से जारी हुए बयान के मुताबिक 26 जनवरी को उनका विरोध प्रदर्शन 43 दिन लंबा हो जाएगा. इन 43 दिनों में शाहीन बाग ने बड़ी संख्या में लोगों को उनके आंदोलन से जुड़ते देखा. बयान में आगे कहा गया कि कोई भी इस प्रोटेस्ट का एकमात्र आयोजक नहीं हो सकता भले ही वह शरजील इमाम ही क्यों न हो
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के शाहीन बाग में तिरंगा फहराया गया है. यह तिरंगा शाहीन बाग में उस जगह फहराया गया है, जहां पिछले करीब डेढ़ महीने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.
इस बीच शाहीन बाग में आज सुबह 9.30 बजे करीब 10 लाख लोग एक साथ राष्ट्रगीत जन गण मन गाकर विश्व के किसी भी राष्ट्रगान को एक साथ गाए जाने वाले रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश करेंगे.
'महिलाएं चला रही आंदोलन'
शाहीन बाग का कहना है कि किसी एक व्यक्ति को प्रदर्शन का आयोजक नहीं कहा जा सकता है. हम ऐसे किसी भी बयान से खुद को अलग करते हैं. हम फिर से कहते हैं कि शाहीन बाग में कोई आयोजन समिति नहीं है. शाहीन बाग के लोगों का कहना है कि इस प्रदर्शन का कोई मास्टरमाइंड नहीं है. इस आंदोलन को महिलाएं चला रही हैं.
शाहीन बाग से जारी हुए बयान के मुताबिक 26 जनवरी को उनका विरोध प्रदर्शन 43 दिन लंबा हो जाएगा. इन 43 दिनों में शाहीन बाग ने बड़ी संख्या में लोगों को उनके आंदोलन से जुड़ते देखा. बयान में आगे कहा गया कि कोई भी इस प्रोटेस्ट का एकमात्र आयोजक नहीं हो सकता भले ही वह शरजील इमाम ही क्यों न हो

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