कोरोना असल में वायरसों का एक बड़ा समूह है जो जानवरों में आम है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के अनुसार, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है। नया चीनी कोरोनो वायरस, सार्स वायरस की तरह है। इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं। यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है। इसकी स्थिति मिडल ईस्ट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (एमईआरएस) और सेवल एक्युट रेस्पाइरेट्री सिंड्रोम (सार्स) से काफी मिलती जुलती है।
हांगकांग विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वायरोलॉजिस्ट लियो पून, जिन्होंने पहले इस वायरस को डिकोड किया था, उन्हें लगता है कि यह संभवतः एक जानवर में शुरू हुआ और मनुष्यों में फैल गया।
कैसे फैलता है?
WHO के मुताबिक कोरोना वायरस ( CoV ) एक जूनोटिक है। इसका मतलब है कि यह 2019-nCoV के जरिए जानवरों से मानव में फैला है। माना जा रहा है कि 2019-nCoV सीफूड खाने से फैला था। लेकिन अब कोरोना वायरस मानव से मानव में फैल रहा है। यह कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। खांसी, छींक या हाथ मिलाना जोखिम का कारण बन सकता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है।
सांपों या चमगादड़ों से इंसानों तक फैल रहा है कोरोना वायरस!
कोरोना वायरस के असर के लक्षण
इस वायरस से मरने वालों की औसत उम्र 73 साल है । मृतकों में सबसे उम्रदराज शख्स 89 साल का था जबकि सबसे कम उम्र के लिहाज से 48 साल के व्यक्ति की मौत हुयी।
कोरोना वायरस के लक्षणों में नाक बहना, खांसी, गले में खराश, कभी-कभी सिरदर्द और बुखार शामिल है, जो कुछ दिनों तक रह सकता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह घातक है। बुजुर्ग और बच्चे इसके आसान शिकार हैं। निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना भी इसके लक्षण हैं।
क्या है इसका इलाज
इसका अभी तक कोई इलाज नहीं है। न तो कोरोना वायरस ( CoV ) की कोई वैक्सीन बनी है और न ही 2019-nCoV की। इससे बचने का यही तरीका है कि ऐहतियात बरतें। किसी बीमार, झुकाम, निमोनिया से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। मास्क पहनें। अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुएं। हाथों को बार बार अच्छे से साबुन से धोएं।
बचने के उपाय
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने अथवा उसे कम करने के लिए कुछ एहतियात बरतने को कहा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने भी ट्वीट किया है। ट्वीट में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को कट के मुताबिक, कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए निम्न उपाए किए जा सकते हैं:
1. अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें।
2. खांसते या छींकते वक्त अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें।
3. जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें।
4. मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं।
5. जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं।म करने के उपाय बताए गए हैं।
मध्यप्रदेश ;चीन में कोरोना वायरस से लगातार हो रही मौतों के बाद मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट हो चली है। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को जागरुक करने और बीमारियों की रोकथाम के संबंध में विशेष कदम उठाने के लिए कहा गया है। इस अलर्ट के मिलने के बाद कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी हैं। जल्द ही इस बीमारी से बचाव के उपाय लोगों को बताए जाएंगे। इसके लिए व्यापक प्रचार किया जाएगा
हांगकांग विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वायरोलॉजिस्ट लियो पून, जिन्होंने पहले इस वायरस को डिकोड किया था, उन्हें लगता है कि यह संभवतः एक जानवर में शुरू हुआ और मनुष्यों में फैल गया।
कैसे फैलता है?
WHO के मुताबिक कोरोना वायरस ( CoV ) एक जूनोटिक है। इसका मतलब है कि यह 2019-nCoV के जरिए जानवरों से मानव में फैला है। माना जा रहा है कि 2019-nCoV सीफूड खाने से फैला था। लेकिन अब कोरोना वायरस मानव से मानव में फैल रहा है। यह कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। खांसी, छींक या हाथ मिलाना जोखिम का कारण बन सकता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है।
सांपों या चमगादड़ों से इंसानों तक फैल रहा है कोरोना वायरस!
कोरोना वायरस के असर के लक्षण
इस वायरस से मरने वालों की औसत उम्र 73 साल है । मृतकों में सबसे उम्रदराज शख्स 89 साल का था जबकि सबसे कम उम्र के लिहाज से 48 साल के व्यक्ति की मौत हुयी।
कोरोना वायरस के लक्षणों में नाक बहना, खांसी, गले में खराश, कभी-कभी सिरदर्द और बुखार शामिल है, जो कुछ दिनों तक रह सकता है। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह घातक है। बुजुर्ग और बच्चे इसके आसान शिकार हैं। निमोनिया, फेफड़ों में सूजन, छींक आना, अस्थमा का बिगड़ना भी इसके लक्षण हैं।
क्या है इसका इलाज
इसका अभी तक कोई इलाज नहीं है। न तो कोरोना वायरस ( CoV ) की कोई वैक्सीन बनी है और न ही 2019-nCoV की। इससे बचने का यही तरीका है कि ऐहतियात बरतें। किसी बीमार, झुकाम, निमोनिया से ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। मास्क पहनें। अपनी आंखों, नाक और मुंह को न छुएं। हाथों को बार बार अच्छे से साबुन से धोएं।
बचने के उपाय
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने अथवा उसे कम करने के लिए कुछ एहतियात बरतने को कहा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने भी ट्वीट किया है। ट्वीट में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को कट के मुताबिक, कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए निम्न उपाए किए जा सकते हैं:
1. अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें।
2. खांसते या छींकते वक्त अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें।
3. जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें।
4. मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं।
5. जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं।म करने के उपाय बताए गए हैं।
मध्यप्रदेश ;चीन में कोरोना वायरस से लगातार हो रही मौतों के बाद मध्यप्रदेश सरकार अलर्ट हो चली है। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को जागरुक करने और बीमारियों की रोकथाम के संबंध में विशेष कदम उठाने के लिए कहा गया है। इस अलर्ट के मिलने के बाद कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी हैं। जल्द ही इस बीमारी से बचाव के उपाय लोगों को बताए जाएंगे। इसके लिए व्यापक प्रचार किया जाएगा
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