ग्वालियर। पति के ड्यूटी पर जाने के बाद पत्नी ने फांसी लगा ली। उनका नादान बेटा स्कूल से लौटा तो गेट बंद मिला। उसने मां को जोर से आवाज लगाई। गेट खटकाया, लेकिन तमाम कोशिश के बाद मां ने जवाब नहीं दिया तो घबरा गया। उसके रोने चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसी आ गए। लोग हालात से भांप गए कि माजरा गड़बड़ है।
उडिय़ा भाषा में सुसाइड नोट भी रखा मिला
दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे तो महिला फांसी पर लटकी मिली। उसी कमरे में टेबल पर उडिय़ा भाषा में सुसाइड नोट भी रखा मिला। गोला का मंदिर टीआइ हीरा सिंह चौहान ने बताया भाऊसाहब पोतनीस एनक्लेव में रहने वाले संतोष साहू की पत्नी उस्मिता (30) ने गुरुवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया।
दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे तो महिला फांसी पर लटकी मिली। उसी कमरे में टेबल पर उडिय़ा भाषा में सुसाइड नोट भी रखा मिला। गोला का मंदिर टीआइ हीरा सिंह चौहान ने बताया भाऊसाहब पोतनीस एनक्लेव में रहने वाले संतोष साहू की पत्नी उस्मिता (30) ने गुरुवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया।
पति कारखाने में असिस्टेंट मैनेजर है
संतोष मूलत: उड़ीसा के रहने वाले हैं। यहां मालनपुर में कारखाने में असिस्टेंट मैनेजर थे। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे उस्मिता ने 8 साल के बेटे को स्कूल भेजा कुछ देर बाद पति संतोष ड्यूटी चले गए। उसके बाद उस्मिता घर पर अकेली थीं। उन्होंने साड़ी से फंदा बनाकर सुसाइड किया।
संतोष मूलत: उड़ीसा के रहने वाले हैं। यहां मालनपुर में कारखाने में असिस्टेंट मैनेजर थे। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे उस्मिता ने 8 साल के बेटे को स्कूल भेजा कुछ देर बाद पति संतोष ड्यूटी चले गए। उसके बाद उस्मिता घर पर अकेली थीं। उन्होंने साड़ी से फंदा बनाकर सुसाइड किया।
पीपू मेरे पास नहीं आ सकता, इसलिए मैं उसके पास जा रही हूंइ
उधर बड़वानी जिले में एक मां अपने बेटे की मौत से आहत होकर मौत को गले लगा लिया। नवविवाहिता कुछ दिनों से अपने मायके में आकर रह रही थी। गुरुवार को उसने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। जान देने से पहले उसने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें लिखा है कि मैं निकिता अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।मैं पीपू के बिना नहीं रह सकती। जितने दिन रह सकती थी, रह ली। मैं अब जा रही हूं, पीपू के पास। वो मेरे पास नहीं आ सकता इसलिए मैं उसके पास जा रही हूं। वैसे भी अब मेरी जिंदगी में कुछ बचा नहीं है, जिसके लिए मैं जिंदा रहूं। मेरा सबकुछ मेरा पीपू ही था और अब वो रहा नहीं तो मेरा भी कोई काम नहीं है। मैं जा रही हूं अपनी मर्जी से। मेरे मरने के बाद किसी को परेशान न किया जाए। ये नोट लिखकर मृतका फांसी के फंदे पर झूल गई।
उधर बड़वानी जिले में एक मां अपने बेटे की मौत से आहत होकर मौत को गले लगा लिया। नवविवाहिता कुछ दिनों से अपने मायके में आकर रह रही थी। गुरुवार को उसने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। जान देने से पहले उसने सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें लिखा है कि मैं निकिता अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रही हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।मैं पीपू के बिना नहीं रह सकती। जितने दिन रह सकती थी, रह ली। मैं अब जा रही हूं, पीपू के पास। वो मेरे पास नहीं आ सकता इसलिए मैं उसके पास जा रही हूं। वैसे भी अब मेरी जिंदगी में कुछ बचा नहीं है, जिसके लिए मैं जिंदा रहूं। मेरा सबकुछ मेरा पीपू ही था और अब वो रहा नहीं तो मेरा भी कोई काम नहीं है। मैं जा रही हूं अपनी मर्जी से। मेरे मरने के बाद किसी को परेशान न किया जाए। ये नोट लिखकर मृतका फांसी के फंदे पर झूल गई।

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