भोपाल पुलिस महकमे में छुट्टी मांगने लिए छोटे कर्मचारियों कई तरह के पैतरे आजमाते हैं। ऐसा ही नूमना राजधानी भोपाल में सामने आया है। ट्रैफिक विभाग में पदस्थ सिपाही ने छुट्टी स्वीकृत करने के लिए डीआइजी को दिए आवेदन में साले की शादी में जाने का जिक्र किया है। साथ ही उसमें उल्लेख किया है कि साहब, पत्नी ने बोला है कि भाई की शादी में नहीं आए तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। हालांकि साहब ने अर्जी में इस तरह की टिप्पणी को अनुशासनहीनता मानते हुए सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है।
शहर के ट्रैफिक थाने में दिलीप कुमार अहिरवार सिपाही के पद पर पदस्थ है। हाल ही में दिलीप ने अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए डीआइजी इरशाद वली को छुट्टी स्वीकृत करने के लिए आवेदन दिया। उसमें बताया कि उसके सगे साले का विवाह 11 दिसंबर 2020 को है। उसका शादी समारोह में शामिल होना अति आवश्यक है। अत: श्रीमानजी से निवेदन है कि प्रार्थी को पांच दिन का विशेष अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। अर्जी में लिखा आग्रह यहां तो ठीक था, लेकिन अर्जी में नीचे लिखे विशेष नोट ने सिपाही के लिए मुसीबत पैदा कर दी।
सिपाही ने आवेदन में पत्नी के द्वारा दी गई धमकी का अक्षरश: उल्लेख कर दिया। उसमें लिखा है कि प्रार्थी की पत्नी का स्पष्ट कहना है कि अगर भाई की शादी में नहीं आये तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। आरआइ दीपक पाटिल ने बताया कि आरक्षक दिलीप अहिरवार पहले ही 95 दिन का अवकाश ले चुका है। दिसंबर माह में शादियां भी बहुत हैं। अवकाश लेने का अधिकार सभी को है, लेकिन एक ही कर्मचारी को बार-बार छुट्टी देने से दूसरे कर्मचारी अवकाश पाने से वंचित रह जाते हैं। डीआइजी ने बताया कि आरक्षक ने अवकाश के लिए आवेदन में जो कारण लिखा है, वह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उसे लाइन हाजिर किया गया है।

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