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युवा कांग्रेस चुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले ही प्रक्रिया पर उठने लगे सवाल

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भोपाल।  मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव परिणाम आने से पहले ही प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों ने मत निरस्त किए जाने की प्रक्रिया का खुलासा मतदान के बाद किए जाने पर आपत्ति उठाई है। हालांकि, चुनाव प्रभारी मकसूद मिर्जा ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मार्च 2020 में ही संगठन की वेबसाइट पर नियम डाल दिए गए थे। मंगलवार को सिर्फ इसकी लिंक भेजी गई है। चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

प्रदेश में वर्ष 2013 के बाद अब युवा कांग्रेस के चुनाव कराए गए हैं। 1.11 लाख मतदाताओं ने प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिला अध्यक्ष, महासचिव और विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए 10, 11 और 12 दिसंबर को मोबाइल फोन के माध्यम से मतदान किया था। कोरोनाकाल के बावजूद सभी दावेदारों ने अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए सदस्यों से संपर्क साधा और मतदान के लिए सबको एकजुट भी किया।

वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने समर्थकों के लिए लॉबिंग की। मतदान के बाद चुनाव प्रभारी की ओर से मंगलवार को सभी प्रत्याशियों को बताया गया कि मत किन स्थितियों में निरस्त होंगे। इसको लेकर ही चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार विवेक त्रिपाठी ने चुनाव प्रभारी को शिकायत करते हुए कहा कि मतदान के तीन दिन बाद मत निरस्त किए जाने के मापदंड जारी करने से कार्यकर्ताओं के मन में असंतोष का भाव है। 50 फीसद मतदाता सिर्फ इसलिए वोट नहीं डाल पाए क्योंकि उनका तीन साल पहले वाला मोबाइल नंबर बदल चुका है। मत निरस्त किए जाने के मापदंड चुनाव से पहले जारी किए जाने थे।

इनको मतदान के तीन दिन बाद बताया जाना किसी सुनियोजित एजेंडे का हिस्सा प्रतीत होता है। त्रिपाठी ने प्रत्याशियों को जहां से जितनेे मत मिल रहे हैें, उसे सार्वजनिक करने की मांग की है।

उधर, चुनाव प्रभारी ने कहा कि अस्पष्ट फोटो, ग्रुप फोटो, एक से ज्यादा बार इस्तेमाल या दोहराई गई फोटो, एक फोन से निर्धारित संख्या से अधिक मत डालने पर वोट निरस्त होंगे। एक वोट निरस्त होगा तो उसने जो पांच वोट डाले होंगे, वो भी निरस्त हो जाएंगे। प्रक्रिया में कोई खामी नहीं है। वेबसाइट पर सब कुछ पहले से ही है। मंगलवार को सिर्फ जानकारी दी गई है।

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