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Madhya Pradesh News: टोल नाकों पर 60 फीसद वाहनों के भी फास्टैग नहीं हो रहे स्कैन

 


भोपाल।  नेशनल हाइवे 47 पर बैतूल-नागपुर के बीच मिलानपुर टोल प्लाजा। 10 में से 8 लेन पर फास्टैग चल रहा है। इस व्यवस्था के तहत गाड़ियों को टोल पर 25 से 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार के साथ बिना रुके निकल जाना चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। गाड़ियां आती हैं तो टोल पर लगा सेंसर फास्टैग को स्कैन ही नहीं कर पाता। 60 फीसद वाहनों को रोक कर सेंसर से फास्टैग स्कैन करना पड़ रहे हैं। दरअसल, खराब रीडिंग सेंसर, कमजोर नेटवर्किंग और लेंस इस समस्या की वजह हैं। इस टोल प्लाजा से लगभग पांच हजार वाहन प्रतिदिन निकलते हैं।

एक जनवरी से देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल नाकों पर फास्टैग से वाहन का शुल्क कटेगा। वाहनों को नाके पर रोकने की जरूरत नहीं होगी। इससे ईधन के साथ समय की बर्बादी और वाहनों की कतार से बचा जा सकेगा। कई नाकों की अधिकतर लेन पर फास्टैग शुरू भी हो गया है। मिलानपुर टोल प्लाजा पर 8 लेन फास्टैग से जुड़ी हैं। लेकिन, यहां सेंसर और अन्य तकनीकी खराबी के कारण वाहन चालक कैश लेन से टैक्स जमा कर रहे हैं। सेंसर से फास्टैग स्कैन नहीं होने पर नाके से एक वाहन को निकलने मंे दो से तीन मिनट का समय लग रहा है। गुजरात से रायपुर ट्रक लेकर जा रहे चालक हरिशंकर परते ने बताया कि फास्टैग लेन से कम समय में तो नकद शुल्क देकर रवाना हो जाते हैं। ज्यादातर टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैन नहीं हो रहे।

सर्वर डाउन होने से नहीं कटता टैक्स

फास्टैग के लिए नाकों पर रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइ) सिस्टम तैयार किया गया है। जैसे ही टोल के पास वाहन पहुंचता है तो ऑटो बैरिकेड सिस्टम (एबीएस) एक्टिव हो जाता है और टोल बैरिकेट खुल जाता है। ज्यादातर समय सर्वर डाउन के कारण आरएफआइ सिस्टम काम नहीं करता। लिहाजा न ही राशि कटती है और न ही बैरिकेड खुलते हैं। ऐसे में टोल कर्मचारियों को मशीन का सहारा लेना पड़ता है।

यहां दर्ज करें शिकायत

फास्टैग को लेकर लोगोें की समस्याओं का एनएचएआई के टोल फ्री नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इनका कहना है

कुछ तकनीकी समस्या के कारण फास्टैग काम नहीं कर पाते हैं, फिर भी मिलानपुर टोल प्लाजा पर अन्य स्थानों से बेहतर स्थिति है।

- दीपक राजपूत, प्रबंधक, मिलानपुर टोल प्लाजा

फास्टैग की व्यवस्था लागू होने बाद वाहन चालकों को राहत मिली है। प्रदेश में करीब 30 फीसद वाहनों में फास्टैग नहीं लगाया गया है। इन वाहनों के कारण व्यवस्था बिगड़ जाती है। टैक्स डिटक्शन नहीं होने पर हैंड हैल्ड मशीनों का उपयोग करते हैं।

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