196 पुलिसकर्मियों में से 28 की शुगर बढ़ी हुई मिली। जबकि 42 को बीपी और 46 ऐसे पुलिसकर्मी थे जो ओवरवेट थे। इन सभी पुलिसकर्मियों से डीआईजी सचिन अतुलकर ने फिट रहने की बात कही। उन्होंने समय पर बीमारी का परीक्षण कराकर उपचार लेने की नसीहत दी ता कि आगे कोई शारीरिक परेशानी न हो। खास बात यह है कि तथागत संस्था द्वारा आयोजित शिविर के दौरान उन सेवाभावी विशिष्ट लोगों का सम्मान भी किया गया जिन्होंने अपनी सेवागतिविधि से विशिष्ट पहचान बनाई थी। इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने की।
एसपी राजेश सिंह चंदेल ने कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस शिविर के दौरान कहा कि शिविर का आयोजन तथागत संस्थान ने किया है। शिविर में यह पता लग सके कि किस पुलिसकर्मी को क्या बीमारी है। आमतौर पर भागमभाग भरी जिंदगी में पुलिसकर्मी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाते और शरीर में जब कोई बड़ा खतरा आता है।
तब उन्हें पता चलता है कि वह तो बीमारी से परेशान हो गए। ऐसे में उस बीमारी का इलाज कराना महंगा भी पड़ता है। और बीमारी गंभीर भी हो जाती है। इन बीमारियों के प्रारंभिक परीक्षण के लिए यह शिविर लगाया गया जो पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद उपयोगी रहा।
सिविल सर्जन डॉ. पीके खरे ने कहा कि कोरोना काल मेंं पुलिसकर्मियों ने बेहतर सेवा का सबक लोगों को सिखाया। उन्हें भी फिट और स्वस्थ रहने की जरूरत है। इसलिए वह अपना ध्यान रखें। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी समीर गांधी द्वारा किया गया। आभार प्रदर्शन तथागत के राजेंद्र राठौड़ ने व्यक्त किया।
तला, भुना कम खाएं और शरीर को फिट रखें: सीएमएचओ
शिविर के दौरान सीएमएचओ डॉक्टर एल शर्मा ने कहा कि वैसे तो पुलिसकर्मी फील्ड का ही काम करते हैं। फिर भी प्रतिदिन उनकी कोशिश होना चाहिए कि वह शारीरिक व्यायाम और योगाभ्यास करें। इसके साथ ही अपने खानपान में सुधार लाएं। यदि तला भुना खाने के ज्यादा शौकीन है तो फिर उसमें बदलाव लाएं अन्यथा अधिक उम्र होने, ज्यादा तला-भुना खाने और ओवरवेट हो जाने पर फिर बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल हावी हो जाता है। व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि उसे कब हार्टअटैक की शिकायत हो गई, और वह दुनिया से विदा हो गया।
शिविर में सेवाकार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
करुणा काल में पुलिस को पीपीई किट उपलब्ध कराने के लिए रमेश अग्रवाल सम्मानित किया गया। वहीं सेवा गतिविधियों के लिए राजेंद्र गुप्ता आयुष्मान गुप्ता भी सम्मानित किया गया। मंच से तथागत फाउंडेशन के प्रमुख आलोक एम इंदौरिया ने बताया कि बदरवास के जॉकेट विक्रेता रमेश अग्रवाल ने कोरोना काल में पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी उन्होंने बड़ी संख्या में पीपीई किट दी।
उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। समाजसेवी राजेंद्र गुप्ता, पुलिसकर्मी गीता को सम्मानित किया गया। लायंस क्लब की ओर से महिपाल अरोरा और उनके साथियों ने पुलिस कर्मियों को पैथोलॉजिकल जांच के लिए 20 फीसदी रियायत और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गिरीश चतुर्वेदी द्वारा पुलिस कर्मियों की समस्या के लिए मुफ्त नेत्र इलाज करने की बात कही।

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