जिले में 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में जिले के 8 हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को यह वैक्सीन लगना है जिसके लिए प्रारंभिक चरण की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिले में पहला कोरोना वैक्सीन सीएमएचओ और मेडिकल कॉलेज के डीन लगवाएंगे। इससे स्वास्थ्यकर्मियों में विश्वास पैदा होगा कि यह वैक्सीन हमारे हित में है। शहर में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए 5-5 लोगों की 23 टीमें बनाई गई हैं। पहले शहरी क्षेत्र में टीकाकरण होगा और इसके बाद 18 से 20 जनवरी तक ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण होगा। शहर में पहले चरण में 16 जनवरी को 00 लोगों को कोरोना का पहला टीका लगाया जाएगा। वैक्सीनेशन को लेकर शहर में तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। हाल ही में हुए ड्राय रन में उजागर हुई कमियों को भी दूर किया जा चुका है। अब प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से तैयार है। ड्राय रन के दौरान समय को लेकर कुछ खामियां सामने आइ थीं जिन्हें दूर कर लिया गया है। पहले चरण के लिए जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कोलारस, पिछोर या सतनवाड़ा सामुदायिक केंद्रों को जोड़ा जाएगा। इनमें इंटरनेट की व्यवस्था भी की जाएगी। यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी केंद्र से जुड़ने की इच्छा जताई तो हमारी तैयारी पूरी रहेगी।
सीएमएचओ और डीन लगवाएंगे पहले टीका
कोरोना वैक्सीन को लेकर कई लोगों में भ्रांति भी फैल चुकी है। भोपाल में वैक्सीन के ट्रायल के बाद हुई व्यक्ति की मौत के बाद स्वास्थ्यकमी इसे लेकर विशेष चिंता में थे। अब स्वास्थ्यकर्मियों की हर तरह की शंकाओं को दूर करने के लिए सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा पहला कोरोना वैक्सीन खुद को लगवाएंगे। हालांकि इसके लिए प्रदेश सचिव ने भी निर्देश दिए हैं, लेकिन यह एक बेहतर कमद साबित होगा। सीएमएचओ के साथ मेडिकल कॉलेज के डीन भी स्वास्थ्यकर्मियों के पहले खुद को कोरोना वैक्सीन लगवाएंगे।
वैक्सीन-वैक्सीन पर लिखा होगा नाम, नहीं हो सकेगी गड़बड़ी
कोरोना वैक्सीनेशन की पूरी जानकारी कोविन सॉफ्टवेयर पर अपलोड की जाएगी। टीकाकरण टीम को वैक्सीन लगाने वाले व्यक्ति का वेरिफिकेशन भी कोविन साफ्टवेयर के माध्यम से करना होगा। वैक्सीनेशन करने के बाद भी आधा घंटा उसे निगरानी में रखना होगा फिर ओके रिपोर्ट इसी साफ्टवेयर पर अपलोड करनी होगी। कोरोना की हर वैक्सीन पर उस व्यक्ति का नाम भी लिखा होगा जिसे वैक्सीन लगाई जानी है। इसके साथ ही यह भी तय होगा कि वैक्सीन किस तारीख को किस व्यक्ति को कौन सा वैक्सीनेटर लगाएगा। इससे सिर्फ सही व्यक्ति को वैक्सीन लगाई जाएगी और कोई भी गड़बड़ी नहीं कर सकेगा।
22 फोकल पॉइंट तैयार
स्वास्थ्य विभाग कोरोना वक्सीनेशन के लिए फोकल प्वॉइंट तैयार कर रहा है। इसके लिए शहर में 22 फोकल प्वॉइंट बनाए गए हैं। यहां से वैक्सीन संबंधित जगहों पर ट्रांसफर की जाएगी और आगे डिस्ट्रीब्यूट की जाएगी।
मिलीं 50 हजार सीरींज
स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन की जानकारी आते ही सीरींज का भी प्रस्ताव भेजा था। जिले के लिए 50000 सीरींज का प्रस्ताव भेजा गया था जो स्वीकृत हो गया। अब कोरोना के वैक्सीनेशन में सीरींज कोई बडी समस्या नहीं होगी।
कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों में एक डर भी है। भोपाल में एक वॉलेंटियर हुई मौत के बाद यह डर बढ़ गया है। हांलाकि सभी 8351 कर्मी वैक्सीन लगवाने को तैयार हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 8500 से अधिक नाम की लिस्ट भेजी गई थी, लेकिन कुछ लोगों के कम होन कारण विभाग नहीं दे पा रहा है।
22 फोकल प्वॉइंट बनाए गए हैें शहर में
79 डीप फ्रीजर हैें शहर में
5-5 लोगों की 23 टीमें तैयार
400 लोगों को वैक्सीन लगेगी पहले दिन
कोरोना वैक्सीन को लेकर हमारी तैयारियां पूर्ण हैं। हम धर्मगुरुओं और समाजसेवियों से भी बात कर रहे हैं जिससे सभी को स्थिति स्पष्ट हो। 16 जनवरी से शहर में वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा।
- डॉ. एएल शर्मा, सीएमएचओ।

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