कोरबा जिले के वनांचल ग्रामीणों को कम्बल बांट मदद कर रहें शिक्षक
बुधवार, जनवरी 20, 2021
बिर्रा-कोरबा-हम जिस समाज में पैदा हुए, जहां पले बढ़े और योग्य हुए उस समाज के प्रति हमारा पावन कर्तव्य है कि हम अपनी योग्यता और क्षमता अनुसार समाज का उत्थान करें। समाज को सक्षम और समर्थ बनाने में अपना योगदान दें । इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए कोरबा जिले के शिक्षकों का एक समूह निरंतर समाज सेवा मे लगा हुआ है।कोरोना ने जहाँ लोगों का रोजगार छीन लिया। लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। कई लोगों के पास आय का कोई साधन न होने के कारण दो जून की रोटी से मरहूम होना पड़ा। वे अपनी प्राथमिक आवश्यकतायें भी पूरी नहीं कर पा रहे थे। ऐसे विकट समय में कोरबा जिले के शिक्षकों के एक समूह ने ठण्ड शुरू होते ही लोगों तक कम्बल और कपड़े बाँटने की शुरुआत की।
उन्होंने दूरस्थ वनांचल में निवासरत राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, पण्डो और धनुहार मझवार जनजाति तथा निराश्रित दादा दादियों तक कपड़े और कम्बल पहुंचाए।
टीम को लीड करने वाले प्राथमिक शाला गढ़कटरा के शिक्षक श्रीकांत भरिया के अनुसार असहायों की सहायता करना हमारा सर्वोच्च सामाजिक कर्तव्य है। परिवार के सदस्यों की जरूरत और उनका कार्य करना हमारा कर्तव्य होता है लेकिन बाकी समाज के लिए कार्य करना हमारा नैतिक कर्तव्य बनता है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में गढ़कटरा ग्राम में दादा दादियों को कम्बल वितरण के साथ ही इस मुहीम की शुरुआत हुई। इसके पश्चात मदनपुर, चुइया, दलदली, टोकाभाठा, सतरेंगा, कोरई, कदमझरिया के पिछड़ी जनजातियों को कम्बल बाँटे। टीम यही नहीं रुकी बल्कि दूरस्थ पहुचविहीन ग्राम खोखराआमा, छातासराई और देवपहरी के आश्रित पण्डो बहुल ग्राम जो कोरबा से 60 कि मी दूर है वहां तक पहुँचकर कम्बल और कपड़े वितरित किये। अब तक इस समूह ने 17 गाँवों के 400 परिवारों में कम्बल वितरण कर चुके हैं तथा 15 गाँवों के हजारों लोगों तक कपड़े पहुँचा चुके। ये यही नही रुके हैं बल्कि यह मुहीम अनवरत जारी है। पिछले वर्ष भी 8 गाँवों के पिछड़ी जनजातीय परिवारों को 125 कम्बल वितरित किये गए थे। इसके अतिरिक्त समय समय पर स्वेटर, साल, साड़ी, जूते चप्पल आदि वितरित करते हैं।
शिक्षक साथियों और सोशल मीडिया के जरिये जुटाते हैं मदद-
श्रीकांत बताते हैं कि इस कार्य के लिए मदद अपने शिक्षक मित्रों और सोशल मीडिया के जरिये जुटाते हैं। लोग कपड़े, कम्बल और आर्थिक सहयोग के रूप में मदद करते हैं। समय समय पर अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद भी ली जाती है।टीम में ये शामिल शिक्षक व समाजसेवी श्रीकांत सिंह शिक्षक, प्राथमिक शाला गढ़कटरा,पंकज सिंह व्याख्याता, हाईस्कूल सतरेंगा,बिरेन्द्र साहू व्याख्याता, हाईस्कूल सतरेंगा,सविता पैकरा व्याख्याता, हाईस्कूल सतरेंगा,अनुराधा एक्का शिक्षिका, प्राथमिक शाला पटेलपारा(मदनपुर), वर्धन कुमार समाजसेवी, कोरबा,
अजय कोशले शिक्षक प्राथमिक शाला गढ़कटरा,परदेशी टेंगवर शिक्षक, प्राथमिक शाला खोखराआमा।
हम सबका यह कर्तव्य है कि हम समाज के प्रहरी बनकर समाज को जागृत करें , उन्नत करें।
एक टिप्पणी भेजें
0
टिप्पणियाँ
अपना हॉस्पिटल में कैंप
पोहरी
Dr द्वारका धाकड़
दर्रोनी तिराह सेंट चार्ल्स स्कूल के पास पोहरी रोड शिवपुरी
0 टिप्पणियाँ