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त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में अभ्यर्थियों को पंचायत को देय समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होंगे

 


शिवपुरी, त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचन हेतु मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 36(1) में पंचायत का पदधारी होने के निरर्हताए सम्बंधी प्रावधान किए गये है। जिसके तहत सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त शोध्यों का ‘‘अदेय प्रमाण-पत्र’’ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

  उक्त प्रावधान में वर्णित निरर्हता के सम्बंध में कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने यह निर्णय लिया है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत को देय समस्त शोध्यों का ‘‘अदेय प्रमाण-पत्र’’ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नाम निर्देशन-पत्र के साथ अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर नाम-निर्देशन पत्र निरस्त कर दिया जायेगा। अदेय प्रमाण-पत्र, नाम-निर्दशन पत्रों की संवीक्षा के लिए निर्धारित तिथि एवं समय तक सम्बंधित रिटर्निंग ऑफित्तर को प्रस्तुत किये जा सकते है। अदेय प्रमाण-पत्र निर्वाचन घोषणा के पूर्व के वित्तीय वर्ष तक का प्रस्तुत करना होगा अर्थात यदि माह दिसम्बर 2014 में निर्वाचन की घोषणा होती है तो 31 मार्च 2014 की स्थिति में अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रारूप में अदेय प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत के लिए सचिव द्वारा, जनपद पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा और जिला पंचायत के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किया जायेगा।

अभ्यर्थी द्वारा जिस पंचायत के लिए नाम-निदशन पत्र भरा जा रहा है, उस पंचायत का अदेय प्रमाण-पत्र, नाम-निर्देशन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा। यदि अभ्यर्थी पूर्व में किसी अन्य पंचायत का पदाधिकारी, सदस्य रहा है तो उसे पूर्व पंचायत का भी अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा अर्थात यदि कोई अम्यर्थी पूर्व में सरपंच रहा है और अब जनपद, जिला पचायत सदस्य का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे जनपद, जिला पंचायत के साथ-साथ ग्राम पंचायत का भी अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

इसी प्रकार यदि कोई पूर्व जनपद सदस्य या जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे ग्राम पंचायत के साथ-साथ सम्बंधित जनपद, जिला पंचायत का भी अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। नाम-निर्देशन पत्र के साथ पंचायत के शोध्य के संबंध में अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अनिवार्यता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए इच्छुक व्यक्तियों को जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर शोध्य की राशि जमा कराने और अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु कॉउन्टर खोले जाए। नाम-निर्देशन प्राप्ति स्थल पर भी इस सम्बंध में अभ्यर्थियों के लिए सुविधा केन्द्र बनाये जाये।

म.प्र.विद्युत मण्डल या उसकी उत्तरवर्ती कंपनियों को देय समस्त शोध्यों का भी अदेय प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा

मध्यप्रदेश राजपत्र द्वारा जारी मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन अध्यादेश 2014) में अधिनियम की धारा-36 की उप धारा-1 में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल या उसकी उत्तरवर्ती कम्पनियों को देय राशियों की बकाया संबंधी विभिन्न प्रावधान किए गए है। उक्त प्रावधान में वर्णित निर्हता के सम्बंध में कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने यह निर्णय लिया है कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के अभ्यर्थियों को अपने नाम-निर्देशन पत्र के साथ-साथ मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल या उसकी उत्तरवर्ती कम्पनियों को देय समस्त शोध्यों का अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नाम निर्देशन-पत्र के साथ अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर नाम-निर्देशन पत्र निरस्त कर दिया जायेगा। अदेय प्रमाण-पत्र, नाम-निर्देशन पत्रों की संवीक्षा के लिए निर्धारित तिथि एवं समय तक संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को प्रस्तुत किये जा सकते है।

अदेय प्रमाण-पत्र छः मास पूर्व की देय राशि के संबंध में प्रस्तुत करना होगा। उदाहरण के लिए यदि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 5 अक्टूबर 2014 को निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा की है और नाम-निर्देशन पत्र 21 अक्टूबर 2014 से लिये जाना नियत किया गया है तो निर्वाचन के लिए अधिसूचित माह 1 अक्टूबर 2014 से प्रारम्भ होगा और इसके छह माह पर्व अर्थात 01 अप्रैल 2014 की स्थिति में समस्त विद्युत देयकों का अदेय प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

निर्धारित प्रारूप में अदेय प्रमाण-पत्र मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल या उसकी उत्तरवर्ती कम्पनियाँ के प्राधिकृत आधिकारियों द्वारा जारी किए जायेंगे। पंचायत निर्वाचन में अभ्यर्थियों की बडी संख्या की अपेक्षा करते हुए अभ्यर्थियो को अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्ति करने में कोई असुविधा न हो और उनके वितरण हेतु प्रत्येक विद्युत वितरण केन्द्र पर सुविधा काऊंटर स्थापित किये जाए। प्रत्येक वितरण केन्द्र के कार्यक्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायतों की सूची की व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिसमें तीनों स्तरों की पंचायतों के भावी अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। पंचायत की शोध्य राशियों और विद्युत मण्डल की शोध्य राशियों के संबंध में अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु 20 नवम्बर 2014 से पंचायत स्तर और विद्युत वितरण केन्द्र स्तर पर व्यवस्था स्थापित किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उक्त प्रावधानों का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये और सभी सम्बंधित अधिकारियों को भी इस सम्बंध में भली-भाँति अवगत कराया जाना सुनिश्चित करें।

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