Music

BRACKING

Loading...

SDM पिंकी मीणा 4 दिन तक पिंकी रिश्वत के लिए मोलभाव करती रही, यह सब दर्ज है ACB के डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर में

राजस्थान के हाईप्रोफाइल घूसखोरी मामले में रोज नई कहानियां सामने आ रही हैं। बांदीकुई SDM पिंकी मीणा पहली बार घूस मांगते हुए डर गई थी। मीणा ने रिश्वत की रकम पहले मुंह से बोलकर नहीं बल्कि कागज पर लिखकर मांगी थी। चार्जशीट में परिवादी और पिंकी मीणा के बीच रिकॉर्ड की गई बातचीत का पूरा ब्यौरा है। शिकायत मिलने के बाद ACB ने ट्रैप करने के लिए परिवादी को डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर के साथ पिंकी के पास भेजा था। सबसे पहले 18 दिसंबर 2020 को हुई बातचीत का ब्यौरा है। इस बातचीत में पिंकी यह भी कह रही है कि पहले उसे समझ ही नहीं थी कि कितना पैसा लेना है। इसलिए 6 लाख बता दिए थे। अब 10 लाख रुपए देने होंगे। जिस दिन पिंकी मीणा पकड़ी गईं, उस दिन 13 जनवरी को वह दिन भर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की वीसी में थी। इसके बावजूद बीच में समय निकालकर परिवादी से रिश्वत की बात करने के लिए बाहर आ गई। और पहले तय हुई रकम खुद नहीं लेकर जयपुर में हाईवे कंपनी के प्रतिनिधि अमित को देने की बात कहने लगी। उस दिन मुख्यमंत्री की वीसी नहीं होती तो पिंकी वहीं पर रिश्वत की रकम ले लेती।

18 दिसंबर को हुई पिंकी मीणा की घूसवार्ता-1: परिवादी से कागज पर लिखकर 6 लाख रुपए मांगे

परिवादी: पांच-छह महीने तो हो गए
पिंकी मीणा: ठीक है जी, आपको जैसा भी होगा इंफार्म करती हूं
परिवादी: फोन पे ही...
पिंकी मीणा: हां, नहीं वैसे आप बता दो मैं वैसा ही.....
परिवादी: नहीं मैं क्या बताऊं...
पिंकी मीणा: जैसे आप तो करते रहे हो ना...
परिवादी: थोड़ा आप बता दो मैं तो उसी हिसाब से MD साहब से बात कर लूंगा...
पिंकी मीणा: तो फिर आप MD साहब को बोल देना कि जो देते आ रहे हो वो दे दें...इतना हो जाएगा अपना ( पिंकी मीणा ने डायरी में लिख के 6 अंक दिखाए )
परिवादी: कितना, 6 लाख.... थोड़ा सा (हंसते हुए)
पिंकी मीणा: अभी आप पधारो, मैं काम करती हूं आपका, काम रूल्स के अकॉर्डिंग ही करते हैं, बट ये है कि...
(नोट: परिवादी ने बताया कि पिंकी मीणा ने जब डायरी में 6 लिख कर बताया तो स्पष्ट करने के लिए मैंने छह लाख रुपए बोले तो वह सतर्क हो गई और हड़बड़ाते हुए नियमों की बात करने लगी)
परिवादी: नहीं कोई कोई नहीं मैं निकाल दूंगा, थोड़ा MD साहब के कानों से निकाल देता हूं एक बार..
पिंकी मीणा: जी...

घूसवार्ता-2: 25 हजार प्रति किमी के हिसाब से छह लाख बनता था लेकिन ज्यादा हो सकता है

परिवादी : ये है क्या नाम, पिछली जो बात हुई थी वो लगभग आपके पास आ गया या बचा है कुछ उसमे MD साहब ने यही थोड़ा सा जानकारी...
(नोट: पहले तय हुई रकम रकम 6 लाख मिलने के बारे में पूछ रहा है परिवादी)
पिंकी मीणा: इसको बंद कर दे (चपरासी से गेट बंद करने के लिए कहा)
परिवादी: बेटा बंद कर, बंद कर दे...
पिंकी मीणा: कितना हो रहा है अपना ये...
परिवादी: देखिए 24 किलोमीटर का है..
पिंकी मीणा: हां...
परिवादी: तो 25 हजार प्रति किमी के हिसाब से तो ये 6 लाख बनता था...

घूसवार्ता- 3: 12 जनवरी 2021 ने पिंकी मीणा ने परिवार से कहा था- उस वक्त मुझे समझ ही नहीं थी

परिवादी : ठीक है उन्होंने बोला यार देख ले, कैसे क्या? फिर मैंने उनसे बोला सर पांच तक कर लेंगे...
पिंकी मीणा: हूं...
परिवादी: दो तीन दिन के बाद में शायद वो अमित आया...
पिंकी मीणा: हां, मेरे से मिल के गया था...
परिवादी: तो अमित ने भी फोन कर दिया उनको...
पिंकी मीणा: हम्मम...
परिवादी: भाई ऐसे, मतलब मैडम से बात हुई थी एक महीने में सारा निपटा देंगे। मतलब 10 के लिये बोला मैडम ने तो फिर पता है क्या हुआ? उसमें हैं न फरक पड़ जाता है। आप जैसे मेरे को ही बोल देते ना क्या था.. ये दिक्कत पहले भी मेरे साथ आई थी। हकीकत बताऊं, आप को मतलब उस टाइम में था, हम फटाफट काम कर देंगे जो भी अपनी उस टाइम बात हुई...
पिंकी मीणा: सही बात क्या है उस टाइम मुझे समझ ही नहीं थी...

घूसवार्ता-4: 13 जनवरी को परिवादी से बोली पिंकी मीणा- ले आए थे क्या, आप तो जयपुर दे देना

परिवादी : कितनी देर लगेगी?
पिंकी मीणा: यहां टाइम लगेगा...
परिवादी: मैम मेरे को जयपुर जाना था..
पिंकी मीणा: हां तो आप आ जाओ दो मिनट कर लेंगे बात।
परिवादी : जी जी, या फिर आप ठीक है, मैं उधर ही आ के बात करता हूं।
पिंकी मीणा: हां
परिवादी: मैं आपकी गाड़ी के पास ही खड़ा था या उधर ऑफिस में आऊं क्या... हां चलो कोई नहीं.. टाइम लगेगा जब तो मैडम मैं कहां जाऊंगा...
(नोट : परिवादी बांदीकुई के राजीव सेवा केंद्र पहुंचकर पिंकी मीणा से बात करता है)
पिंकी मीणा: हां
परिवादी: जल्दी काम हो जाता तो
पिंकी मीणा: क्या कह रहे थे वैसे
परिवादी : वो कर के
पिंकी मीणा: अच्छा ले आए थे क्या, तो आप अमित को दे देना, वो फिर जयपुर ही दे देगा डायरेक्ट हॉस्पिटल में। हो सकता है आज वेडनसडे है ना अमित जी को बोल दूंगी तो आप अमित जी को दे देना, ठीक है।
परिवादी : ठीक है

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ