जल संरक्षण के नाम पर नदियों का पानी रोकने के लिए बनाए स्टॉप डैम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। ऐसा ही मामला तब उजागर हुआ जब दैनिक भास्कर टीम सुमावली क्षेत्र की कुरई नदी पर बनाए गए स्टॉप डैम को देखने रविवार को जंगल क्षेत्र में स्थित कुरई नदी पर पहुंची। इस दौरान चैक डैम के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि सुमावली क्षेत्र के एक दर्जन गांव का जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए टिकटौली पंचायत के डगरिया पुरा के पास स्थित कुरई नदी पर वर्ष 2018 में 2 करोड़ 47 लाख 78 हजार रुपए की लागत से स्टॉप डैम बनाया गया था। लेकिन बारिश के दो मौसम बीतने पर इस स्टॉप डैम में एक बूंद भी पानी नहीं ठहरा। जबकि जलस्तर नीचे गिरने से इन गांव के प्राचीन कुंए सूख गए तथा हैंडपंपों ने भी पानी देना बंद कर दिया है। ऐसे में ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर खेतों पर लगे ट्यूबवेल से पानी लाकर घरों में आपूर्ति करनी पड़ रही है।
जमीन की सिंचाई तो छोड़िए, पेयजल के लिए भटक रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि कुरई नदी में स्टॉप डैम का उद्घाटन सुमावली के तात्कालीन विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार ने सिंचाई विभाग के एसडीओ की उपस्थिति में वर्ष 2018 में किया था। तब ग्रामीणों को बताया कि चेकडैम बनने के बाद इस क्षेत्र की 800 बीघा जमीन की सिंचाई होगी तथा जलस्तर ऊंचा उठने के साथ गर्मी के मौसम में मवेशियों को पानी के लिए नहीं भटकना पड़ेगा। लेकिन किसानों की जमीन की सिंचाई की बात छोड़िए ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है, वहीं गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता नहीं होने से किसानों को मवेशियों को रखना मुश्किल हो रहा है। वहीं इस संबंध में जौरा एसडीएम सुरेश कुमार बरहादिया का कहना है कि 14 अप्रैल के बाद आप यह समस्या रूबरू आकर बताना। मेरे स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण बोले- ढाई करोड़ तो छोड़िए 10 लाख रुपए भी खर्च नहीं किए
डगरिया पुरा में रहने वाले परिमाल सिंह गुर्जर, रामप्रकाश शर्मा, हरिसिंह, रामू गुर्जर आदि ने बताया कि कुरई नदी पर 2.47 करोड़ रुपए की लागत से स्टॉप डैम बनाया गया है, लेकिन हकीकत में ठेकेदार ने डैम के निर्माण में 10 लाख रुपए भी खर्च नहीं किए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एस्टीमेट के अनुसार चैक डैम की दीवार शीतला माता मंदिर के नीचे बनाई जानी थी, लेकिन ठेकेदार ने निर्धारित स्थान को छोड़कर डगरिया पुरा के नीचे डैम की दीवार बना दी है। जिसका लेवल नीचा होने के कारण वहां नदी का पानी बिल्कुल भी नहीं ठहरता।
चेकडैम में पानी नहीं ठहरने से इस गांव में गहराया पेयजल संकट
कुरई नदी पर बनाए गए चेकडैम में पानी नहीं ठहरने के कारण डगरिया पुरा, घुरैया बसई, टीकतपुरा, बीच का पुरा, हटू पुरा, कारे टोट, सिलपई, बालमुकंद का पुरा, बाबू सिंह का पुरा, गलगईयन का पुरा, प्रेम सिंह का पुरा आदि गांव में प्राचीन कुंए सूखे पड़े हैं, वहीं हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। ऐसे में ग्रामीणों को खतों में लगे ट्यूबवेलों से पानी लाकर घरों में पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ रही है।

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