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कल से कर्फ्यू खुला तो बाजार में आएंगे 1 हजार करोड़, 600 करोड़ तो सिर्फ किसानों के पास हैं


 

भोपाल कोरोना कर्फ्यू की 49 दिन से मार झेल रहे कारोबारियों के लिए यह अच्छी खबर है कि इस बार जिले में गेहूं की बंपर बिक्री हुई है। किसानों के खाते में पिछले साल की तुलना में 100 करोड़ रुपए ज्यादा पहुंचेंगे। अभी तक गेहूं से किसानों के खातों में 600 करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं जबकि 100 करोड़ जल्द पहुंचेंगे। यदि मंगलवार से पूरी तरह कारोबार शुरू हुआ तो यही पैसा बाजार में आएगा। इससे कारोबार बढ़ेगा। पहली बार 43 हजार किसानों ने 3.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं सरकार को बेचा है। बड़े व्यापारियों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि 6 दिन पहले कर्मकार मंडल में पंजीकृत श्रमिकों, पथ विक्रेताओं के खाते में ही 60 करोड़ रुपए से अधिक राशि जमा की है।

ढील का इंतजार; बारिश करीब, सिर्फ 15 दिन बचे हैं व्यवसाय के लिए

  • 100 करोड़ और किसानों के खातों में ट्रांसफर होंगे।
  • 60 करोड़ रुपए श्रमिकों के खाते में जमा है।
  • 25 हजार छोटी-बड़ी किराना दुकानें हैं भोपाल शहर में

200 करोड़ प्रतिदिन का नुकसान हुआ ,बाजार को बूस्टर की जरूरत

राजधानी में सोना -चांदी, किराना, कपड़ा, ऑटोमोबाइल सेक्टर समेत अन्य तरह के व्यवसाय को मिलाकर प्रतिदिन 200 करोड़ का व्यापार कोरोना के कारण प्रभावित हुआ है। शहर में अकेले किराना की ही छोटी -बड़ी 25 हजार दुकानें हैं। इसके अलावा करीब 3 हजार दुकानें कपड़े की हैं। इनमें से अकेले 400 दुकानें तो बैरागढ़ में हैं। यहां 200 किमी के दायरे में रहने वाले लोग खरीदारी करने आते हैं।

यदि सराफा की बात करें तो शहर में 600 दुकानें होंगी। यदि वाहन बाजार की बात करें तो पूरे साल में 20 हजार वाहन बिकते हैं। इनमें से केवल अप्रैल से जुलाई तक दो व चार पहिया वाहन 3 हजार से अधिक बिकते हैं। यह बिक्री दीपावली और नवरात्रि के बाद सबसे अधिक होती है। 12 अप्रैल के बाद से सभी तरह के व्यवसाय बंद है। केवल दूध डेयरी या रिटेल की 150 दुकानों को खुलने की अनुमति मिली हैं। इसके अलावा फल, सब्जी की दुकानें चल रही हैं। कारोबारियों का कहना है कि 1 जून से इन सबको दिन में 8 से 10 घंटे की भी छूट मिलती है तो बाजार को बूस्टर डोज मिल जाएगा।

क्या कहते हैं व्यापारी

किसान ही कारोबारियों का अन्नदाता है। गेहूं की बंपर बिक्री हुई है इसलिए किसान का पैसा हर सेक्टर के कारोबारियों के धंधे में मदद करेगा।
-अनुपम अग्रवाल, महासचिव, भोपाल किराना व्यापारी महासंघ
ऑटोमोबाइल सेक्टर में दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहनों की बिक्री में ग्रामीण क्षेत्र का अहम योगदान है। फसल बढ़िया आने से वाहनों की बिक्री करीब 25 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान है।
-तुलसी नैनवानी, महासचिव, एमपी
ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन

हमें बहुत उम्मीद है। पहले भी फसल की बिक्री पर बाजार में ग्राहकी बढ़ती रही है। किसान अपना 40 फीसदी पैसा सोना और चांदी में ही लगता है, वह भी नकद। सरकार ढील देती है तो जल्दी भरपाई हाे जाएगी।

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