इंदरगढ़ गांव में बुधवार-गुरुवार की आधी रात चार बदमाश हथियार लेकर एक घर में डकैती डालने पहुंच गए और घर के मुखिया पर बंदूक तान दी। इसी बीच गांव के दूसरे लोग जाग गए। घेराबंदी शुरू की तो बदमाश भागने लगे। तीन बदमाश तो भागने में सफल हो गए, लेकिन छत से छलांग लगाने पर एक बदमाश की टांग टूट गई जिससे वह भाग नहीं सका। ग्रामीणों ने उसे धर दबोचा। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुला लिया। पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद बदमाश को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है।
जानकारी के मुताबिक शिवपुरी तहसील के इंदरगढ़ गांव में बुधवार-गुरुवार की रात चार बदमाश डकैती डालने के लिए भगवान सिंह धाकड़ के घर में घुस गए और उन पर बंदूक तान दी। इसी बीच बदमाशों के गांव में आने की भनक ग्रामीणों को लग गई। गांव वाले इकट्ठे होकर बदमाशों को पकड़ने पहुंचे। ग्रामीणाें काे एकजुट देखकर बदमाश बिना वारदात को अंजाम दिए अपनी जान बचाकर भागने लगे।
भागने के लिए एक बदमाश सुल्तान (40) पुत्र राधे मोगिया निवासी धौलागढ़ ने छत से छलांग लगा दी लेकिन जमीन पर पैर के बल गिरने से उसके पंजे के ऊपरी हिस्से की हड्डी टूट गई जिससे वह भागने में असफल रहा। इसके बाद ग्रामीण आ गए और उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पुलिस को सूचना देकर बुलाया, अस्पताल में पैर टूटने का पता चला: घटना की सूचना मिलने पर सुभाषपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने पकड़े गए बदमाश काे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस इलाज कराने सामुदायिक अस्पताल सतनवाड़ा लेकर पहुंची। यहां पता चला कि बदमाश का पैर टूट गया है। बाद में प्लास्टर बांधकर उसे जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया। घायल सुल्तान मोगिया का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस मामले को चोरी का प्रयास मान रही: इंदरगढ़ में बदमाशों का प्रयास असफल होने से पुलिस ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों के प्रयास से घटना होने से बची है। ग्रामीणों ने ही बदमाश को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया है। पुलिस फिलहाल मामले को चोरी का प्रयास बता रही है लेकिन अभी तक इस मामले में काेई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
आपबीती : बेटा बोला-एक बदमाश को पिता ने दबोच लिया, पीछे से तीन और गए, बंदूक तान दी
रात में हम सभी सो रहे थे, तभी एक बदमाश को पिता ने देख लिया। एक समझकर पिता ने उसे दबोच लिया। लेकिन पीछे से तीन और बदमाश आ गए, पिता पर बंदूक तान दी। पिता की मारपीट करने लगे। अचानक उनकी नजर मुझे पर पड़ी और हाथ में मंहगा मोबाइल देख लिया। पिता को छोड़ा तो वे पीछे से ही पड़ोसी के घर चले गए और जगा दिया। मम्मी भी बचकर बाहर चली गईं। मैं भी होशियारी से बचकर निकल आया।
इस बीच गांव वाले भी जाग गए थे। दो बदमाश तो भाग गए, लेकिन छत से कूदकर भागने की कोशिश में एक बदमाश का पैर टूट गया। बाद में पुलिस बुलाकर पकड़वा दिया। हमें तो भगवान ने बचा लिया। पिता को उंगली में चोट आई है। -(जैसा कि भगवानसिंह के बेटे संदीप धाकड़ ने दैनिक भास्कर को बताया)
रात में डायल 100 पर सूचना दी, फिर भी पुलिस नहीं तो थाने जाकर बुलाकर लाए
रात में इंदरगढ़ गांव में हथियारबंद बदमाश घुस आए। लेकिन ग्रामीणों की सजगता से वारदात होने से बच गई। लेकिन पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हो गई है। दरअसल रात में घटना के बाद पुलिस को डायल 100 पर सूचना दी। गांव वालों ने बताया कि 5 से 6 बार कॉल लगाने पर हर बार कहते रहे कि रास्ते में हैं, पहुंच रहे होंगे। आखिरकार गांव वाले खुद चलकर सुभाषपुरा थाने पहुंचे तो देखा कि पुलिस वाले गहरी नींद में सोते मिले। जगाकर बताने पर भी आधा घंटा लगा लिया। वहीं चर्चाएं यह भी हैं कि गुस्से में लोगों ने ही बदमाश का पैर तोड़ दिया।

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