बिर्रा/जांजगीर-चांपा-
ग्राम बिर्रा में आए दिन बिजली विभाग के द्वारा आंख मिचौली का खेल लगातार खेला जा रहा है दिन -रात में लगभग15 -20 बार बिजली गुल होना आम बात है यदि हल्की सी हवा पानी आ जाए तो तुरंत विभाग के द्वारा बिजली काट दी जाती है,मजेदार बात यह है कि ग्राम बिर्रा को भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के रूप में बांट दिया गया है जिसमें लगभग 80 प्रतिशत मोहल्ला में बिजली गुल होने के बाद आ जाती है मगर दुर्भाग्य से ग्रामीण क्षेत्र(मोहल्ला) में चिन्हांकित फुलवारी पारा,घनवापारा,मरारपारा में रात रात भर लाइट नहीं आती है एक तरफ घर के पड़ोसी में लाइट जलती दिखाई देती है तो दूसरी तरफ अंधेरा छाया रहता है विभाग को कहने पर ऊपर अधिकारी से बात करने की बात करते हैं। ग्राम के जन नेता भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं क्योंकि लगभग सभी नेता शहरी क्षेत्र में रहते हैं और अधिकांशतः उन्हें लाइट प्राप्त हो जाता है, बिजली विभाग के इस रवैया से ग्रामीण बहुत परेशान है। एक तो कोरोना के चलते क्षेत्र में लॉकडाउन लगा हुआ है,जिसके चलते गांव के लोग घर में है घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं साथ चिल्लाती गर्मी में ग्रामीण हताश है और ऊपर से बिजली विभाग द्वारा अघोषित बार-बार बिजली गुल होने से पानी की भी किल्लत हो रही है,बार बार गुल करने से ग्रामीणों को परेशान करने के अलावा कुछ नहीं है,ग्राम बिर्रा में ऐसे कई मरीज हैं जो होमआइसोलेशन है जो अपने कमरे में रहकर अपना इलाज स्वयं कर रहे हैं लेकिन बिजली विभाग की लचर व्यवस्था के चलते उन्हें अच्छी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

0 टिप्पणियाँ