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मध्यप्रदेश में 2017 से अब तक दुष्कर्म के 26,708 मामले, गैंगरेप के बाद हत्या के 37 केस

                            

                                                            प्रतीकात्मक फोटो

प्रदेश में वर्ष 2017 से इ स साल जून तक 26,708 महिलाओं से दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान गैंगरेप के बाद हत्या के 37 प्रकरण हैं। यह जानकारी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा में कांग्रेस के जीतू पटवारी के एक प्रश्न के उत्तर में दी। पटवारी ने महिलाओं की हत्या, दुष्कर्म व गैंगरेप के संबंध में प्रश्न पूछा था। मिश्रा ने बताया कि इस अवधि में 2,663 महिलाओं की हत्या हुई। नाबालिग अपहरण के 27,827 और बालिग महिलाओं के अपहरण के 854 केस दर्ज किए गए।

इन मामलों में 16,038 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें से 1,353 की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इन मामलों में पुलिस के दो इंस्पेक्टर व एक एएसआई के खिलाफ अपराध दर्ज किए गए हैं। 10 इंस्पेक्टर, नौ एसआई, छह एएसआई और चार हेड कांस्टेबल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की गई है।

छह पुलिसकर्मियों को कोरोना योद्धा के तहत मदद : कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक बाला बच्चन के एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में अब तक छह पुलिसकर्मियों को कोरोना योद्धा योजना के तहत 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। बच्चन ने पूछा था कि कोरोना से कितने पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई और उन्हें कब तक सरकार द्वारा घोषित राशि मिल जाएगी। मिश्रा ने बताया कि 1 अप्रैल, 2020 से 30 जून 2021 में कोरोना महामारी से कुल 156 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की मृत्यु हुई है।

लव जिहाद के 28 मामले : प्रदेश में मार्च 2021 से लेकर अब तक लव जिहाद व जबरिया धर्म परिवर्तन के 28 केस दर्ज किए हैं। यह जानकारी मिश्रा ने कृष्णा गौर के प्रश्न के उत्तर में दी। इंदौर में सबसे ज्यादा 5 और भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र में 1 केस दर्ज है। 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से छह जमानत पर छूटे हैं।

भोपाल में ब्लैकमेलिंग के 14 केस : मिश्रा ने यशपाल सिंह के प्रश्न पर बताया कि यौन शोषण के मामलों में अप्रैल 2018 से अब तक भोपाल संभाग में ब्लैकमेलिंग के 14 केस दर्ज किए गए हैं। इंदौर संभाग में 7 केस हैं।

कर्ज माफी पर बोले- जानकारी एकत्र की जा रही है : किसानों की कर्ज माफी पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने जवाब दिया कि जानकारी एकत्र की जा रही है।

रेमडेसिविर की कालाबाजारी को लेकर 33 प्रकरण
कोरोना काल में मार्च से जून तक चार बड़े शहरों में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी को लेकर 33 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मिश्रा ने बताया कि इंदौर में सबसे अधिक 33 मामले सामने आए। भोपाल में सात, जबलपुर में पांच और ग्वालियर में दो प्रकरण दर्ज हुए हैं। उन्होंने बताया कि जबलपुर के सिटी अस्पताल में 4800 रुपए प्रति इंजेक्शन की कीमत पर 209 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचे गए। इस अस्पताल में कोरोना के 16 मरीजों की मौत हुई।

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