चंबल नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। बुधवार को मुरैना-भिंड में करीब 35 से ज्यादा गांव खाली करा लिए गए हैं। मौसम विभाग ने श्योपुर-शिवपुरी, अशोकनगर-गुना में 24 घंटे तेज बारिश की चेतावनी देकर डरा दिया है।
शिवपुरी-श्योपुर में नदियों में पानी कम हुआ है, लेकिन अभी भी संकट टला नहीं है।
ग्वालियर-चंबल अंचल की चार नदियां चंबल, सिंध, पार्वती व कूनो उफान पर हैं। अभी तक कूनो ने श्योपुर, सिंध, पार्वती ने शिवपुरी, ग्वालियर व दतिया में हालात बेकाबू कर दिए थे। अब जब यह नदियां कुछ शांत हुईं, तो चंबल ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। बुधवार सुबह से चंबल नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार रात तक चंबल मुरैना में कई जगह 5 से 6 फीट तक पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। NDRF, SDRF के साथ ही सेना की कॉलम (एक कॉलम में 80 जवान होते हैं) को तैनात कर दिया है।
बुधवार रात नदी किनारे बसे कई गांव को खाली करा लिए गए। यही हालात भिंड में हैं। यहां भी चंबल के पुराने पुल पर पानी की रफ्तार बढ़ गई है। गुरुवार सुबह तक चंबल में पानी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार शाम ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी चंबल के लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर चिंता जताई है। CM ने कहा है, शिवपुरी-श्योपुर में हालात सामान्य हो चले हैं, लेकिन मुरैना-भिंड में संकट टला नहीं है।
दो दिन में 8 हजार जान बचाई, 1950 अभी भी फंसे
ग्वालियर-चंबल अंचल में 1225 गांव बाढ़ की चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं। यहां रेस्क्यू दल लगातार काम कर रहे हैं। दो दिन में 8 हजार जिंदगियों को बचाया है। 1950 लोग अभी भी फंसे हैं। इन्हें बचाने के लिए बचाव दल युद्ध स्तर पर जुटे हैं।
- श्योपुर के 32 गांवों से 1500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
- शिवपुरी के 90 गांवों से 2000 लोगों को बचाया गया।
- दतिया, ग्वालियर, मुरैना, भिंड के 240 गांवों से 5,950 लोगों बचाया गया है।
श्योपुर जिले में संचार व्यवस्था ठप
शिवपुरी और श्योपुर में बुधवार तक 800 MM बारिश हो चुकी है। यह अप्रत्याशित स्थिति है। श्योपुर जिले में संचार व्यवस्था ठप हो चुकी है। 3 दिन से बिजली बंद है। संचार सेवा ठप है। दूर संचार मंत्रालय से CM शिवराज सिंह ने बात कर व्यवस्थाएं बहाल करने के प्रयास किए हैं। गुना-शिवपुरी के बीच रेल सेवा बंद है।
पिछले 24 घंटे में बारिश की कहां क्या स्थिति
- शिवपुरी 165 MM बरिश हुई
- गुना जिले में 173 MM
- श्योपुर में 25 MM
- ग्वालियर में 10.3 MM
- अशोक नगर 61 MM
सेना के मोर्चा संभालते ही बदले हालात
- ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया में बचाव कार्य
- 5 NDRF की टीम काम कर रही हैं
- SDRF के 70 दल काम कर रहे
- सेना के 4 कॉलम (प्रत्येक कॉलम में 80 जवान होते हैं)
- एयरफोर्स का 16 सदस्यीय दल 4 हेलिकॉप्टर
- पुलिस के एक हजार से ज्यादा जवान
CM का फोकस बचाव के बाद राहत शिविर पर
- बाढ़ से घिरे गांव में बचाव कार्य के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का सबसे ज्यादा फोकस राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों पर हैं।
- ग्वालियर में 46 गांव प्रभावित हैं, 17 रेस्क्यू स्थल बनाए गए हैं और 3 हजार लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।
- दतिया में सेना और रेस्क्यू टीम ने 36 गांव के 1100 लोगों को राहत शिविर में रखा है।
- शिवपुरी में 22 गांव प्रभावित हुए हैं। बचाव कार्य जारी है, 801 लोगों को सुरक्षित निकाल कर राहत कैंप में रखा है।


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