- > अभी लाइन पूरी नहीं बिछी, घरों में कनेक्शन भी नहीं, उससे पहले ही आने लगीं दिक्कतें
- > नाले में बने सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त, सड़कों पर ढक्कन टूटने पर कांटे-डंडे रखे तो कहीं पानी ओवरफ्लाे हो रहा
अतिवृष्टि और बाढ़ के बाद शहर में बिछी सीवर लाइन के चैंबर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मुख्य सड़कों पर चैंबर के ढक्कन टूट रहे हैं। नाले में बने चैंबर पानी के बहाव में टूटकर अलग हो गए हैं। सड़कों पर जिन चैंबर के ढक्कन टूट गए हैं, वहां लोग कांटे व डंडे रख रहे हैं, ताकि लोग हादसे का शिकार होने से बच जाएं। शहर में कई जगह सीवर चैंबर ओवरफ्लो हो रहे हैं जिससे सड़कों पर गंदा पानी फैल रहा है। वहीं जहां सीवर लाइन बिछाई गई है, वहां सड़क भी धंसक रही है।
साल 2013 से शुरू हुआ सीवर प्रोजेक्ट का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। चालू होने से पहले ही सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इससे आगे इनके ठीक ढंग से संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ढक्कन टूटकर गिरने से सीवर चैंबर खुलने लगे हैं। ऐसे में हादसा भी हाे सकता है। बता दें कि ठाकुर बाबा पहाड़ी पर खुदाई में पत्थर आ जाने की वजह से सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। जबकि लाइन बिछने के बाद शहर में कनेक्शन भी होना बाकी है। ऐसे में सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त होने से लोक सीवर प्रोजेक्ट के ठीक से संचालक को लेकर असमंजस में हैं।
4 उदाहरण : शहर में सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त, चैंबर खुले रहने से अनहोनी की आशंका
- विद्यापीठ स्कूल के आगे : फतेहपुर में स्कूल के पास सड़क के बीचों बीच चैंबर का ढक्कन क्षतिग्रस्त होने के साथ अंदर तक धसक गया है। यहां गलती से वाहन सवार हादसे का शिकार ना हो जाएं, इसलिए लोगाें ने लकड़ी खड़ी करके कपड़ा टांग दिया है।
- सरकूलर रोड : करौंदी संपवेल के पास सड़क के शोल्डर पर सीवर चैंबर का ढक्कन टूटकर अंदर गिर गया है। धोखे से गाड़ियां या पैदल राहगीर हादसे का शिकार ना हो जाए, इसलिए लोगों ने कांटे रख दिए हैं। चैंबर में पशुओं के गिरने का भी खतरा है।
- बड़ा पुल नाला : बड़े पुल से नीचे की तरफ चैंबर क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया है। नाले में आई बाढ़ के सैलाब की वजह से नाई की बगिया के पास भी चैंबर टूटा पड़ा है। इसके अलावा अन्य जगह भी चैंबर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मलवा सीवर लाइन में समा गया है।
- अस्पताल चौराहा : सीवर लाइन चालू नहीं हुई है, लेकिन नाले व नालियों का पानी सीवर लाइन जा रहा है। चौराहे पर सीवर चैंबर कई दिनों से ओवरफ्लो है। जिससे डामरीकृत सड़क में गड्ढे हो गए हैं। कोई समाधान नहीं होने की वजह से सड़क और भी खराब हो रही है।
शहर में जिन मार्गों के नीचे सीवर लाइन बिछी, वहां की सड़कें धंसक रहीं
ग्वालियर बायपास चौराहे से राम स्टील के आगे तक सड़क सबसे ज्यादा धंसकी है जबकि बड़े पुल के पास, गर्ल्स कॉलेज के बगल से विवेकानंद कॉलोनी वाला मार्ग, गांधी पार्क के पास, कस्टम गेट के पास, सर्किट हाउस रोड आदि धंसक गईं हैं। इन सड़काें के नीचे सीवर लाइन बिछी है, बरसात के बाद मिट्टी बैठक ले रही है और सड़कें धंसकती जा रही हैं। शहर की अधिकतर सड़कों के नीचे बिछाई गई सीवर लाइन के चैंबर लेवल पर नहीं आ रहे हैं। यह खराब इंजीनियरिंग का उदाहरण है। कहीं पर चैंबर के ढक्कन सड़क के लेवल से ऊपर तो कहीं नीचे हैं। इससे बाइक व कार सवारों के साथ हादसे का डर बना रहता है।
चैंबर ठीक करा रहे हैं
सीवर प्रोजेक्ट का काम जल्द से जल्द पूरा कराने की कोशिश कर रहे हैं। बरसात के बाद शहर में चैंबर के ढक्कन टूट गए हैं, उनकी मरम्मत करा रहे हैं।
-एलपी सिंह, कार्यपालन यंत्री, पीएचई विभाग शिवपुरी

0 टिप्पणियाँ