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भोपाल में गणेश मूर्ति विराजित कर रहे तो ध्यान रखें:30×45 फीट से ज्यादा बड़ा नहीं होगा पंडाल, जुलूस निकालने की मनाही, भंडारे-जागरण पर रोक; SDM से परमिशन भी जरूरी

 


भोपाल राजधानी में 800 से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर श्रीगणेश की मूर्ति विराजित की जाएगी। इसे लेकर सरकार और जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। पिछले साल कोरोना के चलते पंडाल या झांकी नहीं सजे थे, लेकिन अबकी बार कुछ पाबंदियों के बीच मूर्ति विराजित करने की छूट दी गई है। सबसे खास पंडाल की लंबाई-चौड़ाई, जुलूस-चल समारोह है। 30×45 फीट से ज्यादा बड़ा पंडाल नहीं होगा। जुलूस भी नहीं निकाले जा सकेंगे। पंडाल में भंडारे-जागरण पर रोक है। वहीं, पंडाल के लिए SDM से परमिशन जरूरी है।

यदि कोई समिति या कॉलोनी-मोहल्ले के लोग गणेश मूर्ति विराजित कर रहे हैं, तो उन्हें नियम-कायदों का पालन करना पड़ेगा। वरना कानून के उल्लंघन के दायरे में आएंगे।

ऐसी रहेगी पंडाल की तस्वीर

  • अधिक 30×45 फीट लंबाई-चौड़ाई रहेगी।
  • ऐसी जगह पंडाल या झांकी नहीं बनाई जा सकेगी, जहां की सड़कें या जगह संकरी है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखी जा सकेगी।
  • पंडालों में सांस्कृतिक, मनोरंजन व खेल के इवेंट नहीं होंगे।
  • जागरण और भंडारे भी नहीं हो सकेंगे।
  • पंडालों में बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन लेने भी जरूरी होंगे। वरना आयोजकों पर बिजली चोरी के केस बनेंगे।
  • पंडाल या झांकी में बिजली कनेक्शन की लेमिनेटेड रसीद रखना जरूरी होगा।
  • लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन जरूरी होगा।

जुलूस-चल समारोह

  • चल समारोह या जुलूस नहीं निकाले जाएंगे।
  • मूर्ति और ताजिए के विसर्जन में 10 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

कोरोना की गाइडलाइन का पालन कराना होगा

  • झांकी या पंडाल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हुआ, तो आयोजक जिम्मेदार होंगे।
  • श्रद्धालु और आयोजक फेस कवर पहनकर ही आएंगे। मास्क भी जरूरी रहेगा। सैनिटाइजर की व्यवस्था आयोजकों को करना होगी।

मूर्ति विसर्जन के लिए जगह होगी तय

10 दिनी गणेशोत्सव में मूर्ति विसर्जन के लिए जिला प्रशासन जगह तय करेगा। उसी जगह विसर्जन करना होगा। नगर निगम यह व्यवस्था देखेगा। वहीं, पुलिस सुरक्षा व्यवस्था करेगी।

उल्लंघन होने पर कलेक्टर करेंगे कार्रवाई

गाइडलाइन का उल्लंघन होने पर आयोजक जिम्मेदार होंगे। उन पर धारा 144 के तहत कार्रवाई होगी।

परमिशन जरूरी, पर लेने कम ही पहुंच रहे

पंडाल के लिए SDM से परमिशन लेना जरूरी है, पर कम लोग ही पहुंच रहे हैं। हुजूर, कोलार, बैरागढ़, गोविंदपुरा, शहर, एमपी नगर, टीटी नगर व बैरसिया में अब तक 200 भी परमिशन जारी नहीं की गई है।

POP से बनी मूर्ति नहीं बेच सकेंगे

राजधानी में POP (प्लास्टर ऑफ पेरिस) से निर्मित मूर्ति न तो बेची जा सकेगी और न ही खरीदी। इसे लेकर जिला प्रशासन प्रतिबंध लगा चुका है। हालांकि, बाजार में कई स्थानों पर POP से बनी मूर्ति बेची जा रही है। कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारी मैदान में नहीं उतरे हैं।

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