लोकतांत्रिक भारत में मप्र के उत्तर में देश की सबसे स्वच्छ नदी मां चम्बल की गोद में स्थित मुरैना साल 2021 के जाते-जाते राजनीतिक तौर पर प्रदेश में पहली मर्तबा काफी मजबूती के साथ उभर कर सामने आया है! मप्र की स्थापना के बाद पहली दफा केन्द्र में ताकतवर एक मंत्री के साथ-साथ तीन कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त निगम के अध्यक्ष मुरैना को मिले हैं जिस पर किसी भी मुरैनावासी को गर्व महसूस हो सकता है! अभी हाल ही में राज्य के चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान ने निगम मंडलों की सौगातों का पिटारा खोलते हुए जिले के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री व सुमावली क्षेत्र से विधायक रहे ऐदल सिंह कंषाना को एमपी एग्रो का अध्यक्ष तो मुरैना से पूर्व विधायक रघुराज सिंह कंषाना को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया है वहीं दिमनी से पूर्व विधायक व राज्यमंत्री रहे गिर्राज दंडोतिया को महत्वपूर्ण विभाग ऊर्जा विकास निगम का अध्यक्ष घोषित किया है!अब मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद व केन्द्र में कृर्षि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित इन तीन निगम अध्यक्षों की मौजूदगी में मुरैना निश्चित ही राजनीतिक स्थिति में मजबूत हुआ है!
हालांकि इससे पहले भी मुरैना को प्रदेश में मंत्री पद और निगम मंडलों में जगह मिल चुकी है लेकिन इतनी बड़ी तादाद में कभी नहीं मिली है!
अगर कांग्रेस शासित सरकारों को छोड़ दिया जाये जिसमें सिर्फ दो मर्तबा एक बार उपमंत्री राज्यमंत्री का पद मिला तो एक दफा राज्यमंत्री! मगर भारतीय जनता पार्टी और उसकी पूर्ववर्ती जनता पार्टी ने मुरैना जिले को हमैशा महत्वपूर्ण मानते हुए प्रदेश सरकार में उचित स्थान दिया है!पहली मर्तबा सन् 1977 में इंदिरा गांधी सरकार के पतन के बाद प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली जनता पार्टी सरकार में मुरैना विधायक स्वर्गीय जबरसिंह बाबूजी को लोक निर्माण मंत्री तो ताकतवर नेता रहे स्वर्गीय जाहर सिंह शर्मा"कक्का" को संसदीय सचिव बनाया था! उसके बाद जब भी प्रदेश में भाजपा सरकार बनीं उसमें ज्यदातर में मुरैना का प्रतिनिधित्व कैबिनेट मंत्री के रुप दर्ज किया जाता रहा!दिमनी से ही विधायक रहे मुंशीलाल दो दफा कैबिनेट मंत्री तो मुरैना से विधायक रहे पूर्व आईजीपी रुस्तम सिंह भी दो दफा महत्वपूर्ण कैबिनेट मंत्री रहे व कांग्रेस के दिग्गज ज्योतिरादित्य सिंधिया के इसी साल मार्च में पाला बदलने के बाद भाजपा की सरकार बनाने वाले विधायक
एदलसिंह कंषाना को शिवराज सिंह ने कैबिनेट मंत्री बनाया तो गिर्राज दंडोतिया को राज्यमंत्री के पद से नवाजा था! बहरहाल नेता विहीन होने का वर्षों से दंश झेल रहे मुरैना को अब इन नये नवेले तीन निगम मंडल अध्यक्षों से काफी आशाएं व उम्मीद हैं! वे अगर ठान लें तो मुरैना को सर्वमाण्य नेता देने का सच्चा प्रयास कर सकते हैं? चूंकि मुरैना भी प्रदेश के अन्य तमाम जिलों की तरह मूलभूत समस्याओं से दो-चार हो रहा है! ऐसे में मंत्री पद का दर्जा प्राप्त ये तीन नेता अपने प्रयासों मुरैना की तकदीर और तश्वीर बदल सकते हैं! मगर इनको जनता के साथ-साथ खुद भी याद रखना होगा कि अब मुरैना पहली मर्तबा राजनीतिक तौर इतना सशक्त और मजबूत पहली बार हुआ है!
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