शिवपुरी मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन-2021-22 अंतर्गत ‘‘नीलामी के आधार निर्विरोध निर्वाचन’’ के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए है।उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमेश प्रकाश शुक्ला ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं रिटर्निंग ऑफिसर तथा तहसीलदार एवं रिटर्निंग ऑफिसर खनियांधाना, नरवर एवं बदरवास को निर्देश दिए है कि आयोग द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश स्थानीय प्राधिकरण (निर्वाचन अपराध) अधिनियम 1964 (संशोधित 2014) एवं आदर्श आचार संहिता तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 में निहित प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
जारी निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 47 में निर्विरोध संबंधी प्रावधान उपलब्ध हैं और निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 01 शेष रह जाने पर निर्विरोध निर्वाचन सम्पन्न होगा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा ग्राम पंचायत में लोकतांत्रिक प्रशासन हेतु आपसी सामंजस्य के आधार पर निर्विरोध पंचायत पदाधिकारियों के निर्वाचन हेतु प्रोत्साहन पुरस्कार की घोषणायें की गई है। निर्वाचन आयोग पंचायतों के निर्वाचन में किसी पात्र अभ्यर्थियों को निर्वाचित होने और जनता के बीच जाकर अपनी लोकप्रियता सिद्ध कर निर्वाचित होने के लिए निष्पक्ष रूप से अवसर उपलब्ध कराता है और बिना किसी भय और दवाब मे आये कोई भी अभ्यर्थी निर्वाचन लड़कर निर्वाचित हो सकता है। सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध है। यदि किसी अभ्यर्थी को दबाव या डरा धमकाकर निर्वाचन लड़ने से रोकने या कोई प्रलोभन देकर रोकने का प्रयास किया जाता है तो यह निर्वाचन अपराध की श्रेणी में आयेगा और ऐसे समस्त प्रकरणों में मध्यप्रदेश स्थानीय प्राधिकरण (निर्वाचन अपराध) अधिनियम 1964 (संशोधित 2014) एवं आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता एवं लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123 में निहित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। आयोग किसी भी व्यक्ति के वैधानिक अधिकारों का हनन नही होने देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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