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मां शाकंभरी जयंती के अवसर पर मरार (पटेल) समाज बिर्रा परिक्षेत्र द्वारा विशेष पूजा अर्चना किया गया

 


बिर्रा-मां शाकंभरी जयंती के अवसर पर मरार (पटेल) समाज बिर्रा परिक्षेत्र द्वारा विशेष पूजा अर्चना सरस्वती शिशु मंदिर सिलादेही में किया गया। यह पौष माह की पूर्णिमा के दिन शाकम्भरी जयंती मनाई जाती है। मां शाकम्भरी को फल, फूल, खीर पूरी आदि शाकाहारी सामग्रियों का ही भोग लगाया गया। इस बार पौष पूर्णिमा 17 जनवरी सोमवार को था।


इस पूर्णिमा को शाकम्भरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस पर छबि पटेल (कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष) ने विस्तार से बताया कि इस दिन ही शाकम्भरी नवरात्रि का समापन होता है। शाकम्भरी पूर्णिमा अत्यंत ही शुभ और पवित्र दिन होता है। मां दुर्गा के भक्तों के लिए शाकम्भरी जयंती मनाना अत्यंत ही शुभ फलदायक होता है। मां शाकम्भरी भी मां दुर्गा भगवती का ही एक रूप हैं। इस संसार के समस्त प्राणियों का भरण पोषण माता शाकम्भरी ही करती हैं। माता शाकम्भरी की जिस पर भी कृपा रहती है,उसे कभी भी दु:ख और दरिद्रता छू भी नहीं सकती। जीवन में धन और धान्य की कभी भी कमी नहीं होती।

इसलिए मनाई जाती है शाकम्भरी जयंती पौष माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शाकम्भरी नवरात्र शुरू हो जाते हैं, जो पौष पूर्णिमा को समाप्त होते हैं। इसे ही शाकम्भरी जयंती के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर छवि पटेल (जिलाध्यक्ष कर्मचारी प्रकोष्ठ), सुमंन पटले,मुनीराम पटेल,उमाशंकर पटेल, एकांश पटेल,संजीव पटेल,विशेश्वर,दया,गोलु पटेल पटेल,बाबू लाल पटेल,पुरुषोंत्तम पटेल,पंचराम पटेल,अकाश पटेल, श्रीलाल पटेल ,रामाधार पटेल सहित समस्त पटेल समाज उपस्थित थे।

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