सरकार ही 4 माह देरी से दे रही पैसे, महिलाएं बोलीं- समूह की पूंजी से खरीदा चारा-भूसा, अब पैसे नहीं
जिले में पहले चरण में बनीं 30 में से 9 ठप, न पंचायत चलाने तैयार न समूह
गायों के लिए प्रदेश सरकार ने जिले में गोशालाओं का निर्माण तो करा दिया है, लेकिन इसके व्यवस्थित संचालन में खुद सरकार लापरवाही बरत रही है। चार महीने देरी से किस्त जारी होने की
वजह से गायों को समय पर चरा-भूसा खरीदने में समस्या आ रही है। पहले चरण में 30 में से 21 गोशालाएं ही संचालित हैं। खास बात यह है कि गोशाला संचालन का दायित्व पंचायत के जरिए महिला स्व सहायता समूहों को दिया है। हालात यह हैं कि सरकार से समय पर किश्त जारी नहीं होने की वजह से महिलाएं समूह की जमा पूंजी भूसा खरीदने पर खर्च कर चुकी हैं।
समूह की महिलाओं का कहना है कि अब हमारे पास भूसा खरीदने के लिए पैसा नहीं है। लिहाजा गोशालाओं में रखे गोवंश को भूखे मरने की नौबत आ गई है। पहले चरण की 6 गोशालाओं का संचालित करने के लिए ग्राम पंचायत रुचि नहीं ले रहीं हैं वहीं समूह भी आगे नहीं आ रहे हैं। वहीं दूसरे चरण में मंजूर 149 में से 127 गोशालाएं अधूरी पड़ी हैं। वहीं जिन 22 गोशालाओं का निर्माण हो चुका है, वह चालू नहीं हो पा रहीं हैं। कुल मिलाकर गायों के लिए सरकार ने बजट जारी कर दिया और ग्राम पंचायतें रुचि दिखाकर बनवा भी रहीं हैं। लेकिन गोशाला संचालन की खुद जिम्मेदारी लेने से कतरा रहीं हैं।
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