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कर्नाटक की अदालत ने दी तीन डॉक्टरों को सजा


वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के बिना महिला का ऑपरेशन करने पर हुई थी मौत


कर्नाटक के बीदर जिले की द्वितीय अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल जज एवं जेएमएफसी अब्दुल खादर ने हाल ही में अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की लापरवाही के कारण हुई एक महिला की मौत के मामले में तीन डॉक्‍टरों को प्रकरण में आयी साक्ष्‍य के आधार पर सुश्रुत नर्सिंग होम की डॉ. राजश्री, डॉ. वैजीनाथ और डॉ. साईबन्ना को आईपीसी की धारा 304-ए सहपठित धारा 34 के तहत दोषी ठहराते हुये दो साल के साधारण कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा से दण्डित किया है और जुर्माने की राशि अदा न करने पर  उन्हें आईपीसी की धारा 304 सहपठित धारा 34 के तहत अपराधों के लिए छह महीने के लिए साधारण कारावास से गुजरना होगा। अदालत ने एक अन्य अस्पताल के डॉ. राजशेखर वीरभद्रप्पा पाटिल (52) को भी अपराध के संबंध में कोई भी जानकारी देने में विफलता के लिए आईपीसी की धारा 202 के तहत दोषी पाया तथा आईपीसी की धारा 202 सहपठित धारा 34 के तहत छह महीने के साधारण कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने के तहत दंडनीय अपराध की सजा से  दण्डित किया है। जुर्माने का भुगतान न करने पर उसे एक माह का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। उक्‍त डॉक्‍टरों ने उस महिला का अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के बिना ही ऑपरेशन किया था। 

संक्षेप में मामला इस प्रकार है :- विगत 12 अक्टूबर 2014 को, मृतक संपवती लेप्रोस्कोपिक एसिस्टेड वैजिनल हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन के लिए सुश्रुत नर्सिंग होम में भर्ती हुई थीं इसके पश्‍चात आरोपी नंबर 1 लगायत 3 ने अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा का व्यवस्‍था किए बिना ऑपरेशन कर दिया जबकि ऑपरेशन से पहले की प्रक्रियाओं का किसी भी प्रकार से पालन भी नहीं किया और न ही महिला के स्वास्थ्य विषय में अपने परिवार को भी कोई सूचना नहीं दी गई। इसके बाद, आरोपी ने मृतक को आरोपी नंबर 4 के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया, जिसने आरोपी को उसके लापरवाहीपूर्ण कृत्य से बचाने के इरादे से मृतक को भर्ती कराया। उसने अगले दिन शिकायतकर्ता को संपवती की मृत्यु की घोषणा की, जबकि वह पहले ही मर चुकी थी। जिसके बाद मृतक के भाई ने आरोपी के खिलाफ न्यू टाउन थाना बीदर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के पश्‍चात न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किया गया जहां न्‍यायालय द्वारा तीन डॉक्‍टरों को दोषी पाया।

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