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बसंतपुर में अवैध रेत उत्खनन जोरों पर , किकिरदा में ठेके के बावजूद नहीं कटती रायल्टी, संबंधित अधिकारियों को मिल रही मोटी रकम


बिर्रा
-जांजगीर चांपा के बिर्रा अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बसंतपुर , किकिरदा में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन जोरों पर है संबंधित अधिकारी मौन है क्या उन अधिकारियों को मालूम नहीं है कि अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है, ठेके के बावजूद किकिरदा में नहीं दिया जाता रायलटी पेपर सूत्रों की मानें तो अधिकारी आते हैं और चलें जातें हैं और किसी भी प्रकार कि कार्यवाही नहीं होती है जिसका सीधा मतलब है कि अधिकारी मोटी रकम ले कर चले जाते हैं और नोटों के अधिकारियों के आंख और कान दोनों बंद हो जातें हैं इन जैसे भ्रष्ट अधिकारियों के ही कारण शासन को राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है यहां सोचने वाली बात यह है कि क्या कमीशन कलेक्टर को भी जाता है जिस कारण इन अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर किसी भी प्रकार कि कार्यवाही नहीं हो रही है अवैध रेत उत्खनन से मिलने वाली कमीशन सभी अधिकारी मिल बाट कर खाते हैं बताया जा रहा है कि इस अवैध रेत उत्खनन का मास्टर माइंड दीपक जायसवाल सोठी निवासी हैं जो बसंतपुर घाट में जे सी सी बी लगवा कर अवैध रेत उत्खनन करवा रहा है जब इस बारे में बसंतपुर के सरपंच से संपर्क किया गया तो सरपंच पति का कहना है कि एक वर्ष पूर्व ही जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को और मंत्रालय तक में आवेदन दिया जा चुका है फिर भी अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है खनिज विभाग वाले आते हैं और चलें जातें हैं जनाब अधिकारी महोदय जी जब आप बसंतपुर बिर्रा के रेत घाट जो महानदी पर है पहुंचते हैं तो करते क्या हैं इससे साफ जाहिर होता है कि जांजगीर के खनिज विभाग मोटी रकम ले कर अवैध रेत उत्खनन को बढ़ावा दे रही है और प्रशासन में बैठ कर शासन को चुना लगा रही है मंत्रालय को भी इसकी जानकारी है लेकिन साल भर बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है जिससे साफ जाहिर होता है कमीशन मंत्रालय तक पहुंचता है यहां आप को बता दें कि सरपंच का कहना है कि बसंतपुर से भटगांव को जोड़ने वाली पुल के निचे रेत उत्खनन से पुल को खतरा है जो कि जगह जगह क्रेक हो चुका है बावजूद शासन मौन है लगता है रसूखदार की रसूखदारीक के प्रेम में पड़ कर बड़ी हादसा होने का इंतजार कर रहे हैं और बसंतपुर के सरपंच पति और गांव वालों का कहना है कि यदि शासन ने रेत का ठेका दिया है तो ग्राम पंचायत को ठेके का पेपर दिखाना चाहिए रेत ले जाने वाले ट्रैक्टर चालकों का कहना है कि रायल्टी पेपर नहीं दिया जाता लेकिन 300 सौ रुपए लिया जाता है सामाचार के प्रकाशन के बावजूद अधिकारी मौन है क्योंकि यदि अधिकारी साहब कार्यवाही करेंगे तो इनके परिवार वालों को लक्जरियस सुविधाएं कहा से मिलेंगे महंगी महंगी साड़ियां कहा से लेंगे इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जांजगीर के खनिज विभाग कितने भ्रष्ट हैं अब तो कार्यवाही के लिए ऊपर वाला ही मालिक क्यों कि खनिज विभाग की आंखों में नोटों का चश्मा लगा हुआ है।।

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