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MP : बाढ़ व अतिवृष्टि से बचाव की सभी तैयारियां पहले से ही पुख्ता कर लें- कलेक्टर

 बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव की पूर्व तैयारियों संबंधी बैठक सम्पन्‍न


 बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव की पूर्व तैयारियों संबंधी जिला स्तरीय बैठक कलेक्टर श्री रोहित सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव की सभी तैयारियां पहले से ही पुख्ता कर लेने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।

      बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विपुल श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर श्री दीपक कुमार वैद्य, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री राजेश शाह और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

नदी- घाटों पर हो मॉकड्रिल, पेयजल स्रोतों में हो क्लोरीनेशन

      कलेक्टर ने नदियों के सभी घाटों पर गोताखोरों की व्यवस्था करने एवं मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिये। होमगार्ड स्थानीय तैराकों को सूचीबद्ध कर लें। उन्होंने जल स्रोतों का क्लोरिनेशन कराने और कितने हैंडपंप का हो गया, इसकी रिपोर्ट लेने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान पानी परिवहन का स्रोत सही होना चाहिये। पानी की टेस्टिंग अवश्य करवा ली जावे। बरसात के दौरान बिजली के तार टूटने पर तत्काल दुरूस्त करवाये जायें। बाढ़ की आशंका वाले स्थानों का पहले से ही भ्रमण कर लें और टीम तैनात कर दें। जल भराव वाले स्थानों का चिन्हांकन कर लें। मृत मवेशियों के दफनाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। अतिवृष्टि व बाढ़ से निपटने के लिए कार्य योजना बनाकर नोडल अधिकारी नियुक्त करें। नदियों में पानी अधिक होने की स्थिति में नौवहन नहीं होना चाहिये।

      कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि सभी नगरीय निकायों में उन नालों की सफाई तत्काल चालू की जाये, जिनसे बारिश का पानी निचली बस्तियों में घुसने की आशंका रहती है।

बाढ़ की आशंका वाले स्थानों को करें चिन्हित

       कलेक्टर ने कहा कि नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों, तालाबों, नहरों, जलाशयों के आसपास के बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों, गांवों और अन्य स्थलों को चिन्हित कर आवश्यक तैयारियां अभी से पुख्ता कर ली जावें। सभी एसडीएम, तहसीलदार व संबंधित अधिकारी समय सीमा में बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन का प्लान तैयार कर लें। कम्युनिकेशन प्लान, उपलब्ध संसाधन और अन्य वांछित जानकारी को अद्यतन कर लें। संबंधित अमले की ड्यूटी लगा दें। कम्युनिकेशन प्लान अद्यतन जानकारी के साथ अच्छी तरह से तैयार किया जावे। जिला, तहसील, नगरीय निकाय स्तर पर आवश्यकतानुसार कंट्रोल रूम स्थापित किये जावें। जिला आपूर्ति अधिकारी खासतौर पर पहुंचविहीन ग्रामों हेतु खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण कराने आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जीवनरक्षक दवाईयों की हो पर्याप्त उपलब्धता

      कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिये। उनके आश्रय स्थल चिन्हित कर पीने के पानी, भोजन आदि की व्यवस्था पहले से ही कर ली जायें। आपदा/ बाढ़ से बचाव और तत्परता से राहत मुहैया कराने के उद्देश्य से संबंधित व्यक्तियों के नाम, टेलीफोन/ मोबाइल नम्बर की सूची अद्यतन रखी जावे। बाढ़ प्रभावित और पहुंचविहीन गांव में दवाईयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित हो। सामान्य आशंका वाले गांव और बाढ़ प्रभावित गांव में दवाओं का स्टॉक और विशेष सतर्कता रखी जायेगी। जल जनित/ मौसमी बीमारियों से बचाव की दवाईयों का पर्याप्त भंडारण आरोग्य केन्द्रों और सभी सरकारी अस्पतालों में सुनिश्चित किया जावे।

      कलेक्टर ने बैठक में बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अमले को सतत सक्रिय रहने के निर्देश दिये। एसडीएम के समन्वय से आवश्यक प्रबंध करने के लिए कहा गया। बाढ़ के दौरान पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। संक्रामक बीमारियों से बचाव के उद्देश्य से आवश्यक प्रबंध किये जावें। इस हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया।

      कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देशित किया कि जिला कमांडेंट होमगार्ड बाढ़ प्रभावित गांव में आवश्यक स्टीमर, नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी, टार्च, गोताखोर और होमगार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। बाढ़ के दौरान आवश्यकतानुसार प्रभावित लोगों को जिन शासकीय भवनों अथवा स्थलों में ठहराया जायेगा, उसकी सूची तैयार कर लें।

      कलेक्टर ने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों, जीर्णशीर्ण व खतरे की आशंका वाले मकानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिये। बरगी डेम से पानी छोड़ने की पूर्व सूचना संबंधित क्षेत्रों में और सभी संबंधितों को पर्याप्त समय पहले दी जावें।

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