जगह : छत्तीसगढ़
रिपोर्टर : सुमन पांडे
जगह: मध्यप्रदेश
रिपोर्टर: योगेश पांडे
जगह: उत्तर प्रदेश
रिपोर्टर: राशिद अली जैदी
- विश्व हिंदू परिषद कई साल से घर वापसी अभियान चला रही है।
- कई आश्रमों के संत-महात्मा और कथावाचक भी अपने-अपने स्तर पर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं।
- ईसाई बनाने वाली संस्थाएं छिपकर यह काम कर रही हैं। ये लोग शहरों के बजाए गांवों में जाते हैं और काम में जुटे रहते हैं।
जो धर्म परिवर्तन करवा रहे, उनका क्या कहना है....
पूरी दुनिया में चल रहा ऑसम विदाउट अल्लाह मूवमेंट
विश्व हिंदू परिषद इस मूवमेंट में कैसे काम कर रहा है? यह सवाल हमने संगठन के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन से पूछा तो वे बोले कि यह मूवमेंट तो पूरी दुनिया में चल रहा है। इसे ऑसम विदाउट अल्लाह नाम दिया गया है। भारत में इसे एक्स मुस्लिम कहा जा रहा है, क्योंकि हमारे देश में 95% मुस्लिम ऐसे हैं, जिनके पूर्वजों को जबर्दस्ती मुस्लिम बनाया गया था।जैन कहते हैं कि कश्मीर घाटी से बड़ी संख्या में मुस्लिम लड़कियां घर वापसी करना चाहती हैं, लेकिन डर के कारण ऐसा नहीं कर पा रही हैं। हम उनके इसी डर को खत्म करने का काम कर रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद तो अपनी स्थापना के साथ ही इस अभियान में जुट गई थी। कितने लोगों की घर वापसी करवा चुके हैं, इसकी संख्या जारी नहीं करते, लेकिन हमारा काम लगातार चल रहा है।
अब तक 15 हजार लोगों को हिंदू बना चुके जूदेव
छत्तीसगढ़ में पैर धुलाकर हिंदू धर्म में वापसी कराने वाले प्रबल प्रताप जूदेव कहते हैं अभी हाल ही में जशपुर में एक नाबालिग का खतना कर दिया गया। वह दलित था। उसके पिता हिंदू और मां मुस्लिम थीं। खतना करने से पहले पिता की सहमति नहीं ली गई। मामला पता चलने पर हम तुरंत एक्टिव हुए और लड़के का धर्म बदलने से बचाया। मैं अपनी टीम के साथ मिलकर अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों की घर वापसी करा चुका हूं। इसमें ईसाई और मुस्लिम दोनों शामिल हैं। ज्यादा संख्या ईसाईयों की है। हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ मिलकर काम करते हैं।मुस्लिम गाली देते हैं, इसलिए नंबर बदल देता हूं: यति नरसिंहानंद सरस्वती


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