मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के अग्रणी प्रणेता श्रीपंचखण्ड पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेंद्र जी महाराज के महाप्रयाण पर दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सनातन परंपरा ने एक अद्भुत मार्गदर्शक खो दिया है। उनके भक्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं।
श्रीपंचखण्ड पीठाधीश्वर आचार्य धर्मेंद्र जी महाराज सनातन धर्म के अद्वितीय व्याख्याकार, प्रखर वक्ता और ओजस्वी वाणी के रामानंदी संत थे। विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में शामिल रहे। वे वर्ष 1965 के गौ हत्या बंद करवाने के आंदोलन के नेतृत्व कर्ता थे। आचार्य धर्मेन्द्र महाराज का पूरा जीवन हिंदी, हिंदुत्व और हिन्दुस्थान के उत्कर्ष के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन भारतमाता और उसकी संतानों की सेवा में अनशन, सत्याग्रह, जेल यात्रा, आंदोलन एवं प्रवासों में लगा दिया।

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