कलापथक दल के कलाकार विनोद श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में ग्रामीणजनों को बताया कि ग्राम में ऐसे शिक्षित नागरिक जो नशे का सेवन नहीं करते है, उन्हें नशा के दुष्परिणामों के बारे में अन्य लोगों को भी समझाना चाहिए। उन्होंने बताया कि व्यक्ति शौक के तौर पर नशीली वस्तुओं का सेवन करता है। उसको स्वयं नहीं पता चलता कि कब उसका ये शौक आदत में तब्दील हो जाता है। नशा मुक्ति केन्द्र के माध्यम नशे से दूर रहने का कार्य किया जाता है। इसके अतिरिक्त नशा करने वाले व्यक्ति को अविश्वास की भावना से देखा जाता है। भावी पीढ़ी को नशा मुक्त समाज प्रदान करने के लिए हमें एकजुट होना होगा। वहीं नशा परिवार को तोड़ता है एवं समाज को दूषित करता है। इस दौरान ग्रामीणजनों को नशा न करने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में कलाकार हरिलाल पारौलिया सहित अन्य ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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