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"संसार में मित्रता हो तो श्रीकृष्ण और सुदामा की तरह':श्रीमदभागवत कथा में सुदामा चरित्र की कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु हुए भाव- विभोर

ब्यासपीठ पंडित अर्जुन पांडेय

बिर्रा-डोंगिया मोहल्ला में साहू परिवार द्वारा चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में भागवत कथा के सातवें दिन मंगलवार को कथा वाचक पंडित अर्जुन पांडेय जी महाराज ने सुदामा चरित्र का प्रसंग का वर्णन किया। सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि संसार में मित्रता श्री कृष्ण और सुदामा की तरह होनी चाहिए।

आरती करते हुए श्रद्धालु

     सुदामा के आने की खबर मिलने पर श्रीकृष्ण दौड़ते हुए दरवाजे तक गए थे। पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल से पग धोए, अर्थात श्री कृष्ण अपने बाल सखा सुदामा के आगमन पर उनके पैर धोने के लिए पानी मंगवाया, परन्तु सुदामा की दुर्दशा को देखकर इतना दुख हुआ है कि प्रभु के आंसुओं से ही सुदामा के पैर धुल गए।आधुनिक युग में स्वार्थ के लिए लोग एक-दूसरे के साथ मित्रता करते हैं और काम निकल जाने पर वे भूल जाते है।

संगीत में जमकर थिरके श्रद्धालु

जीवन में प्रत्येक प्राणी को परमात्मा से एक रिश्ता जरूर बनाना चाहिए। भगवान से बनाया गया रिश्ता जीव को मोक्ष की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमानी सुदामा ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सखा कृष्ण का चिंतन और स्मरण नहीं छोड़ा। इसके फलस्वरूप कृष्ण ने भी सुदामा को परम पद प्रदान किया।


कथावाचक ने सुदामा के चरित्र की सप्रसंग व्याख्या की

      सुदामा चरित्र की कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। बताया कि भागवत कथा सुनने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथा सुनने आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों ने बताया कि भागवत कथा सुनने यहां दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं और भागवत कथा सुनकर उसे अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं। भागवत कथा शुरू होने के पूर्व से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है।


बिर्रा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से यहां का माहौल भक्तिमय बन गया है। इस अवसर पर आयोजक धनीराम साहू, रामेश्वर साहू, राजमहल बिर्रा से श्री लाल रेवती रमण सिंह जी (लाल बाबा),गोपी सिंह ठाकुर, मणी कश्यप, मनोज तिवारी, रितेश रमण सिंह , श्रवण थवाईत, एकादशिया साहू, चित्रभानु पांडेय , जितेंद्र तिवारी , सौंखी पटेल, विजय देवांगन, योगेश साहू, संभू साहू, रमेश साहू, संजू साहू,गोपाल साहू, विजय थवाईत,मोहन साहू,रितेश देवांगन,चंद्रहास साहू,अजय साहू, राजकुमार साहू, महेंद्र साहू, किशन साहू, रुस्तम साहू सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।।

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