5 जून से प्रदेश में शुरू होगा अभियान
नगरों के साथ ही ग्रामों में भी जन सहयोग से सार्वजनिक प्याऊ संचालित किए जाएं
बस स्टॉप आदि पर छांव की व्यवस्था हो, तेज गर्मी से बचाव के उपाय लागू करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश
- जल स्रोतों के स्वच्छता का अभियान संचालित कर जहां आवश्यकता है गहरीकरण के कार्य किए जाएं।
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अमृत योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करें।
- प्रदेश के अनेक स्थानों पर पारम्परिक जल स्रोतों को और जल संरचनाओं के अतिक्रमण हटाए जाएं।
- कुएं और बावड़ियों को स्वच्छ बनाने के कार्य हों।
- उज्जैन में शनिघाट, भोपाल के छोटे तालाब, इंदौर में लालबाग आदि के निकट जल स्रोतों की स्वच्छता पर ध्यान दिया जाए।
- गौवर्धन सागर उज्जैन की स्वच्छता और सौंद्रर्यीकरण भी सुनिश्चित किया जाए।
- नदियों के विकास की योजनाओं के जानकारी आम जनता को भी दी जाए।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल प्रबंध सुनिश्चित करें,जहां अधिक कठिनाई है वहां टैंकर आदि से जलापूर्ति की जाए। आवश्यक समन्वय कर समाधान निकाला जाए। सार्वजनिक प्याऊ जन सहयोग से प्रारंभ करें।
- भूमिगत जल के उपयोग के लिए भी अभियान संचालित किया जाए।
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