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MP : डेंगू दिवस के अवसर पर अंतर्विभागीय कार्यशाला



 राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, भोपाल द्वारा नगर पालिक निगम सभागार में वाहक जनित रोगों के प्रसार एवं उनके नियंत्रण की गतिविधियों पर जानकारी के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।

कार्यशाला में गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, गैस राहत चिकित्सालय, रेलवे चिकित्सालय, कस्तूरबा चिकित्सालय, बीमा अस्पताल, पंडित खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय, शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय, हकीम सैयद जिया उल हसन यूनानी चिकित्सालय सहित स्वास्थ्य विभाग एवं निजी चिकित्सालयों के चिकित्सक शामिल हुए। इस अवसर पर डेंगू जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया गया। पोस्टर परिकल्पना एंबेड परियोजना के सहयोग से की गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए आयुक्त नगर निगम श्री हरेंद्र नारायन ने कहा कि डेंगू प्रसार को रोकने के लिए सभी विभागों के साथ-साथ आमजन की सहभागिता भी बेहद जरूरी है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। जागरूकता के साथ - साथ निगम द्वारा समय समय पर जुर्माने की कार्यवाही भी की जाती है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि मच्छरों के पनपने के स्रोत को नष्ट करना बेहद जरूरी है। डेंगू बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है। इस मच्छर का लार्वा साफ पानी में पनपता है, जिसे आसानी से पहचान कर नष्ट किया जा सकता है ।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ." अनन्थम कृष्णन ने डेंगू नियंत्रण बचाव की जानकारी देते हुए डेंगू के लक्षण, प्राथमिक उपचार, लार्वा सोर्स के बारे में बताया। एम्स के आयुर्वेद विभाग के डॉ. दानिश जावेद द्वारा बताया गया कि आयुर्वेद के माध्यम से डेंगू का उपचार किया जाता है, किंतु उपचार करवाने से बेहतर है कि डेंगू के लार्वा को पनपने से रोका जाए। भोपाल नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रणधीर सिंह ने कहा कि डेंगू के लक्षणों की समय पर पहचान करके तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। उपचार में विलंब घातक हो सकता है। डेंगू दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य संस्थानों सहित शैक्षणिक संस्थाओं, रहवासी क्षेत्रों, शासकीय एवं निजी संस्थानों में जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें डेंगू से बचाव के उपाय डेंगू के लक्षणों एवं सावधानियां के बारे में बताया गया।

इस अवसर पर शपथ ग्रहण, जागरूकता रैलीओं परामर्श एवं प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किए गए। जागरूकता रैली के माध्यम से डेंगू के लक्षण एवं बचाव के उपायों को बताया गया। राष्ट्रीय डेंगू दिवस प्रत्येक वर्ष 16 मई को मनाया जाता है। बारिश के मौसम में साफ पानी के इकट्ठा होने के कारण डेंगू का लार्वा पनपने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। डेंगू दिवस के माध्यम से मानसून के पूर्व वाहक जनित बीमारियों के नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2016 से मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह दिवस "कनेक्ट विथ कम्युनिटी, कंट्रोल डेंगू" की थीम पर मनाया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने कहा कि डेंगू की बीमारी एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। जब कोई एडीज मच्छर डेंगू के किसी रोगी को काटता है, तो खून के साथ डेंगू वायरस भी मच्छर के शरीर में प्रवेश कर जाता है। मच्छर के शरीर में डेंगू वायरस का कुछ और दिनों तक विकास होता है। जब किसी अन्य स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वह डेंगू वायरस को उस व्यक्ति के शरीर में पहुंचा देता है। इस प्रकार वह व्यक्ति डेंगू वायरस से संक्रमित हो जाता है।

जिला मलेरिया अधिकारी श्री अखिलेश दुबे ने बताया कि मच्छरों की रोकथाम एवं मच्छरजनित बीमारियों के उपचार के संबंध में विस्तृत परामर्श प्राप्त करने के लिए कॉल सेंटर नंबर 0755- 2660636 संचालित किया जा रहा है। डेंगू की नि:शुल्क जांच एम्स हॉस्पिटल, गांधी मेडिकल कॉलेज, जय प्रकाश जिला चिकित्सालय, भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल और सिविल हॉस्पिटल बैरागढ़ में की जा रही है।

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