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modern technology से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण करने का काम देश में सबसे पहले mp मे

NEWS >The work of name transfer with registry using modern technology was done first in the country in Madhya Pradesh.

  

                                          modern technology से रजिस्ट्री के साथ नामांतरण करने का काम देश में सबसे पहले 

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Chief Minister डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुविधा के लिये प्रांतव्यापी चलाए गये राजस्व महाअभियान के 2 चरण कारगर सिद्ध हुए हैं। जमीन संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य के साथ चलाए गए राजस्व महाअभियानों में 80 लाख राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण करने का काम देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश ने शुरू किया है।

Chief Minister  ने नागरिकों को उत्तम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम को बधाई दी। उन्होंने उन सभी नागरिकों को भी बधाई दी है, जिनके लंबित मामलों का निराकरण हुआ है।

Chief Minister ने कहा है कि MP GOVT जनसेवा और आम जन की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये 18 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित राजस्व महाअभियान 2.0 में नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरुस्ती और नक्शा तरमीम के 49 लाख 15 हजार 311 मामले निराकृत हुए। साथ ही 88 लाख से अधिक ई-केववायसी पूरी की जा चुकी हैं। इससे पहले राजस्व महाअभियान 1.0 में 30 लाख से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया था।

Chief Minister डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर राजस्व-महाअभियान का पहला चरण 15 जनवरी से 15 मार्च 2024 तक जारी रहा। इस दौरान 30 लाख से ज्यादा राजस्व प्रकरणों का निराकरण हुआ। पहले चरण के राजस्व महाभियान की सफलता एवं जनता की सराहना मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दूसरे चरण का राजस्व महाभियान शुरू करने के निर्देश दिये। यह अभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त 2024 तक चला। इसमें राजस्व न्यायालयों में समय-सीमा पर लम्बित नामांतरण, बँटवारा, अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों का 100 प्रतिशत निराकरण किया गया। साथ ही नक़्शे पर तरमीम उठाना और खसरे की समग्र आधार से लिंकिंग का कार्य किया गया। महाअभियान में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के सर्वेक्षण का कार्य, फार्मर रजिस्ट्री का क्रियान्वयन और पीएम किसान में सभी हितग्राहियों को शामिल करने का कार्य भी किया गया। राज्य, संभाग, जिला और तहसील स्तर पर प्रतिदिन प्रकरणों के निराकरण की सतत मॉनिटरिंग राजस्व महाभियान डैशबोर्ड के माध्यम से की गई।

राजस्व महाअभियान - 01 और 02 में प्रकरणों के निराकरण की स्थिति निम्नानुसार रही :-
36 जिलों में शत-प्रतिशत लंबित नामांतरण प्रकरण किये निराकृत

आलीराजपुर, उज्जैन, उमरिया, खरगौन, गुना, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, झाबुआ, टीकमगढ़, डिंडोरी, दतिया, दमोह, देवास, नर्मदापुरम, निवाडी, नीमच, पन्ना, पांढुर्णा, बड़वानी, बालाघाट बुरहानपुर, बैतूल, भिण्ड, भोपाल, मंडला, मऊगंज, मन्दसौर, मुरैना, मैहर, रतलाम, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, शहडोल, श्योपुर, सतना जिलों में लंबित नामांतरण प्रकरणों का 100% निराकरण किया गया है। शेष जिलों में 99% से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार कुल 99.98% लंबित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण राजस्व महाभियान 2.0 में किया गया है।

बंटवारा प्रकरणों का सभी जिलों में शत-प्रतिशत निराकरण

बंटवारा लंबित बंटवारा प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण समस्त जिलों द्वारा किया गया है। अभिलेख दुरुस्ती लंबित अभिलेख दुरुस्ती प्रकरणों का भी शत-प्रतिशत निराकरण समस्त जिलों द्वारा किया गया है। इसी प्रकार बुरहानपुर, खंडवा, पांढुर्णा, सिवनी, बैतूल, झाबुआ जिलों में लंबित नक्शा तरमीम के 50% से अधिक प्रकरणों निराकरण किया गया है।

  

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