News > मिली जानकारी अनुसार हम आप को बता दें कि शिवपुरी जिले के धोलागढ़ और गोपालपुर गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार यहां के प्रभारी आयुर्वेदिक चिकित्सक ताराचंद आर्य, जो ग्वालियर में रहते हैं, महीनों से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। उनके गांव में नियमित रूप से उपस्थित न होने के कारण चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं।
ताराचंद आर्य की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
ताराचंद आर्य, जो धोलागढ़ और गोपालपुर दोनों गांवों के स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार हैं, अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह महीने में बमुश्किल एक या दो बार आते हैं, और अगर आते भी हैं, तो कुछ ही घंटों में लौट जाते हैं। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और वे इलाज के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
प्रशासन और आयुष विभाग की निष्क्रियता
ग्रामीणों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे के बावजूद, प्रशासन और आयुष विभाग ने अभी तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। ताराचंद आर्य की लापरवाही न केवल ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह प्रशासन की ओर से जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को नजरअंदाज करने का भी स्पष्ट उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाती है।
समाधान की आवश्यकता
इस स्थिति में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है। ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया जाना चाहिए कि उनके स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है। डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति और चिकित्सा सेवाओं को बहाल करने की दिशा में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहना पड़े।
ताराचंद आर्य की लापरवाही ने धोलागढ़ और गोपालपुर के ग्रामीणों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। इस मुद्दे पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग को संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए जिससे ग्रामीणों को उनके बुनियादी अधिकारों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

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