The increasing population of the country is a problem
ग्वालियर > लेखक विजय कुमार द्विवेदी
देश की बढ़ती जनसंख्या एक समस्या भी और एक अवसर भी
आज भारतवर्ष विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन गया है आज हमने चीन को पीछे छोड़ दिया हैI जिस तरह से हमारी आबादी बढ़ रही है आने वाले समय में ये एक विकराल समस्या का रूप ले लेगी, हमें तुरंत इस समस्या पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे नहीं तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ़ नहीं करेगीI हमारी सरकारों को दलगत राजनीती से ऊपर उठकर इस पर सकारात्मक विचार करना चाहिए I
भारत की जनसँख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। 2003 में भारत की जनसँख्या 142.8 करोड़ थी। .92% की यह वृद्धि (हर साल एक करोड़ से अधिक) जनसँख्या 2030 तक 1.5 अरब और 2050 तक 2 अरब से अधिक होने की उम्मीद है।
जनसंख्या की तीव्र वृद्धि संसाधनों और सेवाओं पर दबाव डाल रही है, जिससे बेरोजगारी, पर्यावरण का क्षरण और असमानता, तापमान में वृद्धि और गरीबी बढ़ रही है। इस तरह की चिंताजनक विकास दर उन क्षेत्रों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, बुनियादी आवश्यकताओं, यानी भोजन, आश्रय और कपड़ों की भी पूर्ण कमी का कारण बन सकती है।
आज हम देख रहे कि सरकारें केवल और केवल वोटबैंक की राजनीति के कारण लोकलुभावन योजनाएं ला रही है जिन्हे हम फ्री की रेवड़ी कहते है जैसे की लाडली बहना, फ्री बिजली, फ्री पानी, रहने को फ्री घर, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना, जननी सुरक्षा योजना, प्रसूति सहायता योजना और भी इसी तरह की अन्य योजनएं भारत में प्रचलित है, यहाँ तक की आज सरकारें गरीब लोगो की शादियां मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत कर रही है, उन्हें शादी के बाद जीवन यापन करने के लिए सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा रही हैंI
में समझता हूँ की ऐसी योजनाएं कहीं न कहीं परोक्ष रूप से हमारी गरीब जनता को और ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करती हैंI जब किसी मनुष्य के लिए फ्री घर, फ्री राशन, फ्री बिजली, फ्री पानी और तो और बच्चे पैदा होने पर नगद राशि इत्यादि यदि सरकार दे दे तो फिर वह गरीब कम शिक्षित व्यक्ति अपने घर में रहकर केवल बच्चे ही पैदा करेगा, सरकारों को चाहिए कि ऐसी योजनाओं को तुरंत बंद कर दिया जाये और उच्स्तरीये स्कूल खोले जाये प्राथमिक शिक्षा व लोगो के स्वाथ्य पर जोर दिया जाये, और एक कड़ा कानून लाया जाये और केवल दो ही वच्चो तक लोगो को सीमित रखा जाये, व देश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग किया जाये, भारत में जनसंख्या समस्या का सबसे अच्छा समाधान प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाना, खाद्य उत्पादन बढ़ाना, जन्म दर कम करना है इत्यादिI
हमारे पास दुनिया का सबसे बड़ा कार्यबल है। लेकिन पर्याप्त अच्छी नौकरियों के बिना, वह बेजोड़ लाभ एक आपदा साबित हो सकता है।
हमारे देश का युवा दोधारी तलवार है। इससे लाभ पाने के लिए, हमें हर साल अपने कार्यबल में शामिल होने वाले लाखों लोगों के लिए पर्याप्त नौकरियां पैदा करने की आवश्यकता होगी - यह एक चुनौती है जिसमें हम वर्तमान में विफल रहे हैं। इसके लिए हमें वैश्विक निवेश आकर्षित करने की जरूरत है। अवसर की खिड़की सिकुड़ रही है, और जब तक हम तेजी से आगे नहीं बढ़ते, हमारा जनसांख्यिकीय लाभांश आसानी से बेरोजगारी के दुःस्वप्न में बदल सकता है
हमें उपरोक्त तथ्यों के आलोक में अतिशीघ्र उचित कदम उठाने होंगे I
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