Music

BRACKING

Loading...

इफको कीटनाशक दवाइयों पर एक लाख रूपए तक का बीमा- श्री महोलिया

फको किसान सभा कार्यक्रम सम्पन्न
शिवपुरी | 12-फरवरी-2019
0

 

    किसानो की सहकारी संस्था इफको द्वारा किसान सभा कार्यक्रम शिवपुरी के ग्राम चन्देनी में उप महाप्रबन्धक इफको ग्वालियर श्री एस.व्ही.सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी इफको शिवपुरी श्री आर.के.महोलिया के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विक्रय अधिकारी इफको बाजार कोलारस के श्री पवन धाकड, इफको एमसी अधिकारी श्री अर्पित धाकड तथा ग्राम सरपंच सहित 45 प्रगतिशील किसानो ने भाग लिया।
     क्षेत्रीय अधिकारी इफको शिवपुरी श्री आर.के.महोलिया ने सभी अतिथियो एवं कृषको को बताया कि इफको किसानो की संस्था होने के नाते खाद के साथ-साथ इफको की कीटनाशक दवाईयो पर भी बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो कि ‘‘किसान सुरक्षा बीमा योजना’’ के नाम से चलाई जा रही है। इसमें किसान भाईयो के द्वारा इफको की कीटनाशक दवाईयां समिति अथवा इफको के विक्रय केन्द्र (इफको ई बाजार) से खरीदने पर दवाईयो की वास्तविक कीमत का लगभग सात गुना का दुर्घटना बीमा स्वतः ही हो जाता है, जिसके लिए किसानो को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क देय नही करना है। इसमें किसान भाईयो के द्वारा खेत में काम करते समय अचानक किसी कारण से जैसे साँप के काटने पर, दवाईयो के जहरीले प्रभाव के कारण या अन्य किसी कारण से मृत्यु हो जाती है तो दवाईयो की कीमत का सात गुना क्लेम किसान को इफको द्वारा दिया जाता है जिसकी अधिकतम सीमा एक लाख रुपये रखी गई है, जो कि 15000 रुपये की दवाईयां खरीदने पर किसान भाई एक लाख रुपये का पात्र हो जाता है। 50 प्रतिशत अंग भंग होने या शरीर में 50 प्रतिशत की क्षति होने पर 50 प्रतिशत की बीमा राशि देय होती है। साथ ही यदि किसान के द्वारा खाद व दवाईयो दोनो खरीदे गए होगे तो दोनो का क्लेम किसान भाईयो को दिया जायेगा, खाद पर भी प्रति बोरी 4000 रुपये का बीमा है जो कि 25 बोरी की अधिकतम सीमा से साथ एक लाख का बीमा है।
    उप महाप्रबन्धक इफको ग्वालियर श्री एस व्ही सिंह द्वारा किसानो को बताया गया  की जैविक खादो का भी अधिक से अधिक उपयोग करे, अनेक प्रकार के जैविक खाद जैसे राईजोबियम, एजेटोबेक्टर, पी.एस.बी., आदि प्रकार के जैविक खादो का उपयोग करने से मृदा उपलब्ध तत्वो को पौधे के लिए उपलब्ध कराते है तथा इनका उपयोग करने से रासायनिक खादो के उपयोग में भी कमी आएगी एवं किसान का पैसा बचेगा तथा पैदावार बढ़ेगी। किसानो को जल विलय उर्वरक के उपयोग करने की भी सलाह दी। साथ ही बताया कि सभी किसान भाईयो को नयी तकनीकी का उपयोग करना चाहिए, फसल चक्र का ध्यान रखना चाहिए एवं दलहनी फसलो में सल्फर व धान फसलो में जिंक 10 किलो प्रति एकड के हिसाब से उपयोग करना चाहिए क्योकि शिवपुरी जिले में इन तत्वो की भी कमी पाई जाने लगी है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ