एंटी करप्शन न्यूज़
नई दिल्ली। केंद्र सरकार प्राइवेट नौकरी में लगे हुए कर्मचारियों को खुश करने में जुटी हैं। सरकारी कर्मचारियों की तरह प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारी को पेंशन देने पर विचार किया जा रहा हैं। अगर ऐसा हुआ तो तो एक बड़े वर्ग को इसका फायदा मिल सकता हैं। सूत्रों की माने तो पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी को हर माह अपने वेतन का कुछ हिस्सा काटना पड़ेगा। कर्मचारी अपनी क्षमता के अनुसार पेंशन स्कीम के लिए पैसे कटवा सकता हैं।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार प्राइवेट नौकरी में लगे हुए कर्मचारियों को खुश करने में जुटी हैं। सरकारी कर्मचारियों की तरह प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारी को पेंशन देने पर विचार किया जा रहा हैं। अगर ऐसा हुआ तो तो एक बड़े वर्ग को इसका फायदा मिल सकता हैं। सूत्रों की माने तो पेंशन स्कीम के तहत कर्मचारी को हर माह अपने वेतन का कुछ हिस्सा काटना पड़ेगा। कर्मचारी अपनी क्षमता के अनुसार पेंशन स्कीम के लिए पैसे कटवा सकता हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की माने तो इस फैसले से लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा। वित्त सचिव राजीव कुमार ने अखबार को बताया है कि इसके लिए जल्द सिस्टम तैयार होगा और हर महीने कम से कम 100 रुपये कर्मचारी कटवा सकेगा और इतना ही कंपनी अपनी तरफ से खाते में दे सकती है। जो आज युवा हैं उन्हें कल बुजुर्ग होने पर पैसों की जरुरत होगी।
ज्ञात हो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अपने बजट पेश करते हुए बताया कि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथारिटी ऑफ इंडिया (पीएफआरडीए) की भूमिका को सरकारी कर्मचारियों के ट्रस्ट से अलग करने का विचार है। सीतारमण ने शनिवार को संसद में 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा, पीएफआरडीए की नियमन की भूमिका को मजबूत करने की जरूरत है। पीएफआरडीए कानून में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इससे सरकारी कर्मचारियों के लिए एनपीएस न्यास को पीएफआरडीए से अलग किया जा सकेगा।
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