By: महेंद्र सिंह सोलंकी
भोपाल। क्या कोई मूर्ति पानी, दूध या चाय पी सकती है। क्या किसी मूर्ति का आकार और वजन बढ़ सकता है। शायद नहीं, लेकिन भक्त इसे चमत्कार जरूर मानते हैं। मध्यप्रदेश के सिवनी की लड्डू गोपाल की मूर्ति हर बार चर्चा का विषय बनी रहती है।
जन्माष्टमी 2020 के मौके पर Patrika.Com आपको बताने जा रहा है कांसे-चांदी की एक मूर्ति के बारे में, जिसे लोग चमत्कारिक मानते हैं...।
यह मूर्ति हर समय किसी न किसी भक्त के घर पर रहती है। तीन से चार दिनों तक हर भक्त कान्हा की मूर्ति की सेवा करता है। बच्चे की तरह ध्यान रखता है। धातु के बने यह लड्डू गोपाल के बारे में श्रद्धालु कहते हैं कि यह मूर्ति चमत्कारिक है और पानी, दूध, चाय यहां तक की कोल्ड ड्रिंक भी पिलाते हैं तो ऐसा लगता है जैसे मूर्ति ने ग्रहण कर लिया। हालांकि कई लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं। उनका तर्क है कि ऐसा कुछ नहीं होता है। न ही मूर्ति पानी पी सकती है न ही दूध पी सकती है। और न ही उसका वजन और आकार बढ़ सकता है। पत्रिका भी इस इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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