ग्वालियर - ऑटोमोबाइल कारोबारी पर रेप का झूठा मामला दर्ज कराने की साजिश रचने वाली सिंडिकेट की चाल उल्टी पड़ गई है। मामला दर्ज होते ही TI सुनील शर्मा को लाइन अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही युवती से शनिवार को पूछताछ की जाएगी। फिर कोर्ट में भी उसके 164 के तहत बयान होने हैं। टीआई पर कार्रवाई के बाद पीड़ित अब खुलकर बोल सकेगी। पीड़ित ने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है।
यह है मामला
गुना के ऑटो मोबाइल कारोबारी कुलदीप समाधिया के खिलाफ उनकी ही कंपनी की 26 वर्षीय पूर्व कर्मचारी को टीआई सुनील शर्मा, डॉ. बीके सूरी, डॉ. गौरव भटनागर, डॉ. गौरव गुप्ता, गुरुदयाल कुकरेजा और एक अन्य महिला ने रेप का झूठा मामला दर्ज कराने के लिए धमकाया था। ऐसा नहीं करने पर कपड़े बदलते समय का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी थी। मामले में झूठा मामला दर्ज कराकर कारोबारी को ब्लैकमेल करने की साजिश रचने वाली सिंडिकेट बेनकाब हो गई, क्योंकि युवती ने उल्टा इनके खिलाफ ही शिकायत कर दी। इस पर टीआई सुनील शर्मा, गुरुदयाल कुकरेजा, डॉ. गौरव, डॉ. बीके सूरी सहित सभी 6 लोगों के खिलाफ विश्वविद्यालय थाने में मामला दर्ज किया गया था।
पीड़ित ने जान को खतरा बताकर मांगी सुरक्षा
मामले में पीड़ित युवती ने जान को खतरा बताकर सुरक्षा की मांग की है। मामला हाईप्रोफाइल हो सकता है। आरोपियों में बड़े-बड़े नाम शामिल होने की वजह से कई महिला पुलिस अधिकारी जांच उन्हें न देने की बात कह चुकी हैं। बयान देने के लिए एक दिन पहले भी युवती को धमकाया गया था।

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