शिवपुरी - मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2021 हेतु नाम निर्देशन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के संबंध में आयोग द्वारा निर्देश दिए गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अरविंद वाजपेयी ने अपर कलेक्टर (विकास), अपर कलेक्टर (राजस्व), समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार एवं रिटर्निंग आफिसर को निर्देशित किया है कि आगामी निर्वाचन में दिए गए निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें।
जारी निर्देशों के तहत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछडे वर्ग के लिये आरक्षित पदो के लिये निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन पत्र के साथ अपनी जाति का उल्लेख करना होता है। अभ्यर्थी की जाति की पुष्टि के संबंध में मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 40क(1) एवं (2) में प्रावधान दिए गए है। जिसके तहत इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी यदि मतदान की तारीख के पहले रिटर्निंग ऑफिसर को यह ज्ञात होता है कि कोई अभ्यर्थी, जो प्रथम दृष्टया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछडे वर्ग का नही है का नामनिर्देशन किसी ऐसे स्थान के लिए चूक या आपत्ति न किये जाने या किसी अन्य कारण से स्वीकृत हो गया है, जो यथास्थिति अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछडे वर्ग के लिए आरक्षित है, तो तत्काल ऐसे अभ्यर्थी को सूचना जारी करेगा कि वह उस वर्ग का सदस्य होने के बाबत, जिसके लिए स्थान आरक्षित है, एक शपथ पत्र दाखिल करे। यदि संबंधित अभ्यर्थी, शपथ पत्र दाखिल कर देता है तो रिटर्निंग आफिसर मामले में आगे जांच नही करेगा और नामनिर्देशन को वैध मानेगा।
त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचन के संबंध में भी आयोग की मंशा है कि आरक्षित पदों से निर्वाचन लडने वाले अभ्यर्थी अपनी जाति के संबंध में प्रमाण स्वरूप विधिक दस्तावेज प्रस्तुत करंे। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के अंतर्गत लगभग 3.95 लाख पदधारी है। जिसमें से 50 प्रतिशत पद आरक्षित वर्गों के लिये है। इन पदों के लिए निर्वाचन लडने वाले व्यक्तियों की संख्या कई गुना होती है। अतः आरक्षित पद पर निर्वाचन लडने वाले व्यक्तियों को जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अनिवार्यता में कई परेशानियां हो सकती है और यह संभव है कि आरक्षित पद के व्यक्ति निर्वाचन लड़ने से वंचित हो जाये।
आयोग द्वारा विचारोपरान्त आरक्षित वर्ग के पदों से निर्वाचन लडने वाले अभ्यर्थियों के लिए जाति प्रमाण पत्र के संबंध में निर्णय लिया है। जिसमें पंचायत निर्वाचन में आरक्षित पद से निर्वाचन लडने वाले अभ्यर्थी से यह अपेक्षा रहेगी कि वह नामनिर्देशन पत्र के साथ मध्यप्रदेश शासन के सक्षम प्राधिकारी व्दारा जारी शासन व्दारा निर्धारित विहित प्रारूप में जाति प्रमाण-पत्र संलग्न करें। यदि अभ्यर्थी के पास नामनिर्देशन पत्र भरते समय जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नही है तो अभ्यर्थी को इस वर्ग का सदस्य होने के बाबत, जिसके लिए स्थान आरक्षित है, अपना जाति संबंधी शपथ पत्र नामनिर्देशन पत्र की संवीक्षा प्रारम्भ होने के पूर्व रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष प्रस्तुत कर सकेगा। मध्यप्रदेश शासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने अथवा आरक्षित वर्ग का सदस्य होने बाबत शपथ पत्र प्रस्तुत नही करने की स्थिति में अभ्यर्थी का नाम निर्देशन पत्र निरस्त किया जायेगा।

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