शहर के शांतिनगर शिवपुरी में रहने वाली महिला की कोरोना के चलते 28 अप्रैल को मौत हो चुकी है। एक महीने बाद गुरुवार को मृतक के पति के मोबाइल पर जीएमसी शिवपुरी से मैसेज भेजा है, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव बताई है। जिस महिला की एक माल पहले मौत हो गई, उसकी सैंपलिंग कब कर ली? इसे लेकर सैंपल टेस्टिंग पर ही सवाल उठने लगे हैं। शालिनी गौड़ पत्नी मनोज गौड़ निवासी शांति नगर शिवपुरी को जिला अस्पताल से 27 अप्रैल को मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में रेफर कर भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान 28 अप्रैल को शालिनी गौड़ का निधन हो गया। मौत के बाद 27 अप्रैल की शाम 4.22 बजे पति मनोज गौड़ के मोबाइल पर मैसेज आया है जिसमें लिखा है कि “डियर शालिनी आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव है।’ अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आयुष्मान कोविड योजना का लाभ लें। यदि कोई समस्या आती है तो सीएम हेल्प लाइन नंबर 181 पर शिकायत करें। मैसेज मेडिकल कॉलेज शिवपुरी की तरफ से आया है।
पहले मृत्यु प्रमाण सामान्य मौत का दिया, आपत्ति के बाद कोविड का बनाया : मनोज गौड़ ने बताया कि पत्नी की मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र लेने गए, तो सामान्य मौत का दे दिया। कुछ लोगों ने बताया कि जब मौत कोरोना से हुई है तो सामान्य मौत का मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे दे दिया। आपत्ति के बाद दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र कोविड का बनाकर दिया।

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